आजमगढ़। कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर कंट्रोल की कवायद में अब प्रशासन जुट गया है। कंटेनमेंट जोन में लापरवाहियों को अमर उजाला की ओर से उजागर करने के बाद प्रशासन की नींद टूटी और बैरिकेडिंग कराने के साथ ही सैनिटाइजेशन का कार्य भी शुरू करा दिया है। अमर उजाल ने बुधवार के अंक में न बैरिकेडिंग न सैनिटाइजेशन, ये कैसा कंटेनमेंट जोन शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद कंटेनमेंट जोन की व्यवस्था को दुरूस्त करने की कवायद युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई है।
सिर्फ नगर पालिका आजमगढ़ क्षेत्र में ही डेढ़ दर्जन से अधिक कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए है। पूरे जिले की बात की जाए तो इसकी संख्या सवा सौ के लगभग है। किसी भी कंटेनमेंट जोन में न तो बैरिकेडिंग ही की गई थी न ही सैनिटाइजेशन आदि का कार्य करा जा रहा था। किसी भी जगह बांस-बल्ली लगा कर बैरिकेडिंग हुई नहीं पाई गई। इतना ही नहीं सैनिटाइजेशन का कार्य भी कहीं भी नहीं हो रहा था। पॉजिटिव के घरों के लोग ही बाहर निकल कर आ रहे थे और खरीदारी कर वापस लौट रहे थे। ऐसे में संक्रमण पर लगाम कहीं से भी लगता नहीं दिख रहा था।
अमर उजाला ने बुधवार के अंक में कंटेनमेंट जोन के हाल को प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसे संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने शहरी क्षेत्र में कंटेनमेंट जोन नपा प्रशासन के जिम्मे लगाते हुए बैरिकेडिंग व सैनिटाइजेशन का कार्य कराने का सख्त निर्देश जारी किया। इसके बाद नपा प्रशासन ने भी टीम गठित कर चिन्हित कंटेनमेंट जोन में बैरिकेडिंग लगवाने व सैनिटाइजेशन का कार्य कराने की कवायद में जुट गई। सभी चिन्हित शहर के 18 कंटेनमेंट जोन में बैरिकेडिंग का कार्य बुधवार की शाम तक पूर्ण कर लिया गया। वहीं सैनिटाइजेशन की कवायद भी शुरू करा दी गई है। मुबारकपुर नगर में बने कंटेन्मेंट जोन को भी बुधवार को खबर छपते ही नपा प्रशासन ने मोहल्ला पुरा रानी, पुरानी बस्ती, पुरा सोफी आदि कंटेन्मेंट जोन को रस्सी आदि लगाकर आवागवन बाधित कर दिया।
ईओ शुभनाथ प्रसाद ने बताया कि कंटेनमेंट जोन में बैरिकेडिंग व सैनिटाइजेशन के लिए दो अलग-अलग टीमे गठित की गई है। कंटेनमेंट जोन की बैरिकेडिंग की जिम्मेदारी आरआई हरश्चिंद यादव व अनूप भारती को दिया गया है। तो वहीं सैनिटाइजेशन का कार्य एई जलकल सुरेंद्र राम की देखरेख में एसआई महेंद्र यादव व केके यादव की ड्यूटी लगाई गई है।
जरूरी सामान आपूर्ति की नहीं हुई व्यवस्था
आजमगढ़। नपा प्रशासन ने कंटेनमेंट जोन में बैरिकेडिंग व सैनिटाइजेशन की कवायद तो पूरी कर दिया है। लेकिन अब तक कंटेनमेंट जोन में फंसे लोगों को दैनिक जरूरत के सामानों की आपूर्ति किए जाने की व्यवस्था नहीं हो सकी है। जिसके चलते लोग मजबूरी में बैरिकेडिंग लांघ कर सामानों की खरीद करने को बाहर आने के लिए मजदूर है। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन ने एसडीएम व सीओ को दिया हुआ है। जो भी भी निष्क्रिय ही बने हुए है।
नगर पालिका परिषद के ईओ शुभनाथ प्रसाद ने बताया कि सभी कंटेनमेंट जोन में बैरिकेडिंग करा कर सैनिटाइजेशन की शुरूआत कर दी गई है। कंटेनमेंट जोन में जाने वाले कर्मियों के साथ ही सभी कर्मियों को मास्क व हैंड ग्लब्स का वितरण कर दिया गया है। पीपीई किट की भी व्यवस्था कराई जा रही है। सभी कर्मियों को कोरोना गाइड लाइन का कड़ाई से अनुपालन करते हुए व्यवस्था को दुरूस्त रखने का निर्देश दिया गया है।