फरिहां। निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर में हुए सांप्रदायिक घटना के बाद स्थितियों पर नजर रखने के लिए गांव में पुलिस चौकी बनाने का निर्णय लिया गया था। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद तात्कालीन एसपी ने चौकी निर्माण कार्य तेजी से शुरू कराया। इसके लिए जमीन की पैमाइश कर दो ट्राली ईंट गिरवा दी गई।
इसी बीच एसपी का स्थानांतरण हो गया। इसके बाद जहां निर्माण कार्य ठंप हो गया। वहीं ईंट भी गायब हो गई। वर्तमान समय में यहां जंगली घासें उग आई हैं।
बता दें कि 14 मई 2016 की रात पांच रुपये के आटो किराया को लेकर दो पक्षों के बीच उपजा विवाद इस कदर बढ़ गया कि एक पक्ष के लोग अधिकारियों पर हमला बोलेतो हुए दूसरे पक्ष के नौ लोगों का घर जला दिया। इस घटना की आग दूसरे दिन आसपास के गांव में फैल गई।
पांच रुपये को लेकर ऊपजा विवाद में लापरवाही पाए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कमिश्नर, डीआईजी और एसपी को तत्काल हटा दिया। घटना के गंभीरता को देखते हुए पूर्व एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत चौधरी ने कैंप करते हुए रैपीडएक्शन फोर्स लगा दिया।
शासन के निर्देश पर स्थिति को संभालने के लिए एसपी अजय साहनी को जिले का चार्ज सौंपा गया। कमान संभालने के बाद ही एसपी ने हालात काबू में कर लिया। थाने से काफी दूर पडने वाले खुदादादपुर गांव की घटना को देखते हुए शासन ने यहां पुलिस चौकी खोलने का निर्देश दिया।
हरी झंडी मिलने के बाद पुलिस चौकी के लिए जमीन की पैमाइश करवाई गई। निर्माण के लिए दो ट्राली ईंट गिरवाकर भूमिपूजन करवा दिया गया। इसीबीच एसपी का स्थानांतरण हो गया। उनके जाने के बाद मामला ठंडाह पड़ गया। वर्तमान समय में हालात यह है कि चौकी निर्माण के लिए गिराई गई ईंट वहां से हट गई है। मौके पर बड़ी-बड़ी जंगली घासें उग आई हैं।
अपराध पर नियंत्रण लगाने के बाद पुलिस के समक्ष पहला प्रमुख कार्य शांति पूर्वक त्यौहार निपटाना है। जैसे ही पर्व समाप्त होंगे। उसके तुरंत बाद पुलिस निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। - सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी सिटी