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ड्रेस सिलाई में गोलमाल, मंडलायुक्त ने बीएसए से मांगी आख्या

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आजमगढ़। परिषदीय विद्यालयों में रेडीमेड या दर्जी से सिलाकर ड्रेस वितरण कर कुछ विद्यालयों द्वारा समूह की दीदियों से सिलाई दिखाए जाने की पोल ब्लाक मिशन प्रबंधक की जांच में खुली। मामले को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त ने बीएसए से इस संबंध में आख्या मांगी है। जांच का खुलासा होने के बाद अन्य परिषदीय विद्यालयों में हड़कंप सरीखा माहौल बना हुआ है।
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जानकारी मुताबिक डीसी एनआरएलएम (उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) को बीएमएम कृष्ण मुरारी राय ने रिपोर्ट प्रस्तुत की है। आख्या में बताया कि प्राथमिक विद्यालय गोपालापुर के प्रधानाचार्य तेज बहादुर सिंह द्वारा कुल 160 बच्चों का ड्रेस जैस्मिन एवं वैष्णवी आजीविका स्वयं सहायता समूह की दीदीयों से सिलाई कराकर वितरित किया गया है। जबकि दोनों समूह की दीदी कविता एवं कुशुम इस बात से साफ इंकार कर रही है। जांच में सामने आया कि प्रधानाध्यापक द्वारा बच्चों को बुलाकर रेडीमेड ड्रेस वितरित किया गया है। इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय रामपुर टांडा के प्रधानाध्यापक राधेश्याम दुबे प्राथमिक विद्यालय हंसरापुर के प्रधानाध्यापक सत्यदेव दुबे, प्राथमिक विद्यालय रोशनपुर की प्रधानाचार्य शशिकला यादव एवं प्राथमिक विद्यालय मेंहनगर प्रथम के प्रधानाचार्य रामनयन सिंह द्वारा न तो समूह की दीदीयों से ड्रेस सिलाया गया और न ही स्थानीय दर्जी से कटिंग एवं प्रवासी दर्जी से सिलाई कराकर बच्चों में वितरित किया गया है। बीएसए अम्बरीष कुमार ने बताया कि रेडीमेड ड्रेस का वितरण नहीं कराया जा रहा है। सिलाई के लिए शासन से निर्देश है कि एनआरएलएम की समूह की महिलाएं, स्थानीय दर्जी व बाहर से आए श्रमिकों से ड्रेस की सिलाई कराई जाए। इस संबंध में मंडलायुक्त ने आख्या मांगी है। आख्या तैयार कर उन्हें भेजी जा रही है।
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