अमिलाे/चक्रपानपुर (आजमगढ़)। सूबे के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ब्रह्मर्षि स्वामी सहजानंद सरस्वती किसानों के मसीहा थे। उन्होंने संन्यास को समाज सेवा से जोड़ा और जीवनभर किसानों, श्रमिकों व शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। वे भारत में किसान आंदोलन के जनक थे और ब्रिटिश शासन के विरुद्ध मुखर रहे।
इससे पहले उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बृहस्पतिवार की सुबह करीब 11.34 बजे पुलिस लाइन पहुंचे। वहां से सीधे हरिऔध कला भवन पहुंचे। यहां ब्रह्मर्षि स्वामी सहजानंद सेवा न्यास एवं महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्घाटन डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, काशी के राजगुरु मठ के पीठाधीश्वर अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अनंतानंद सरस्वती, संयोजक सहजानंद राय ने किया।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और उत्तर प्रदेश की प्रतिष्ठा विश्व स्तर पर बढ़ी है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब केवल 21 वर्ष शेष हैं, इसलिए सभी को आगे बढ़ना होगा। सरकार, समाज और संगठन सभी साथ हैं। उन्होंने शिक्षा को सभी समस्याओं की चाबी बताते हुए कहा कि शिक्षण संस्थान समाज परिवर्तन की धुरी हैं। पद्मश्री से सम्मानित डॉ. सुनील डबास का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी बेटियां सफलता की ऊंचाइयों को छू रही हैं।
डिप्टी सीएम ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें राजनीतिक भागीदारी का अवसर दिया गया है। आने वाले समय में बेटियां न केवल घर बल्कि देश संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। अंत में उन्होंने ‘GYAN’ की व्याख्या की। कहा कि G से गरीब, Y से युवा, A से अन्नदाता और N से नारी शक्ति को सशक्त बनाना ही राष्ट्र निर्माण का आधार है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता काशी के राजगुरु मठ पीठाधीश्वर अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अनंतानंद सरस्वती ने की। विशिष्ट अतिथियों में पद्मश्री डॉ. सुनील डबास, स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय संगठक कश्मीरी लाल, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल, महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति, आयोजक प्रो. सजीव कुमार एवं टेक्नोक्रेट व नीति निर्माता डॉ. ओंकार राय आदि मौजूद रहे।
न्यास के अध्यक्ष सहजानंद राय ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती ने संन्यास को पलायन नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनाया। उनका मानना था कि जब तक किसान शोषण से मुक्त नहीं होंगे, देश सच्चे अर्थों में स्वतंत्र नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार युवाओं के लिए रोजगार मेले, नियुक्तियां, स्टार्टअप व उद्यमिता को प्रोत्साहन और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है। किसानों के लिए प्रधानमंत्री सम्मान निधि और आय बढ़ाने की योजनाओं पर कार्य हो रहा है, महिला सशक्तीकरण पर भी विशेष बल दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान जिले के युवा उद्यमियों, अन्नदाता किसानों, शिक्षकों, खिलाड़ियों, महिलाओं और कलाकारों को सम्मानित किया गया। संचालन न्यास के सचिव अवनीश राय ‘मानस’ ने किया। इस अवसर पर सूरज प्रकाश श्रीवास्तव, प्रवीण सिंह, परितोष राय, डॉ. प्रशांत राय, आशीष सिंह आदि रहे।
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पूर्ण रोजगारयुक्त भारत के लिए शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका विषय पर हुई संगोष्ठी
चक्रपानपुर। ब्रह्मर्षि स्वामी सहजानंद सरस्वती सेवा न्यास, महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय, यूनिवर्सिटी ऑफ एग्डर (नॉर्वे), स्वदेशी शोध संस्थान, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक एवं रूहुना विश्वविद्यालय श्रीलंका के संयुक्त तत्वावधान में हरिऔध कला भवन में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय ‘पूर्ण रोजगारयुक्त भारत के लिए शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका’ रहा।
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मनरेगा रूपी भ्रष्टाचार के दानव का अंत : डिप्टी सीएम
संवाद न्यूज एजेंसी
अमिलाे/चक्रपानपुर। विकास खंड सठियांव की ग्राम पंचायत शाहगढ़ में भाजपा की जनचौपाल का आयोजन हुआ। इसमें उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मनरेगा रूपी भ्रष्टाचार के दानव का अंत कर वीबी जी रामजी अधिनियम लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 की शुरुआत गांवों से हो चुकी है। ग्राम सभाओं को सशक्त व आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि मनरेगा के नाम पर 11 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए, लेकिन गांवों का अपेक्षित विकास और श्रमिकों के जीवन में बदलाव नहीं दिखा। अब डबल इंजन सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि गरीबों के खाते में पूरा पैसा पहुंचे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले 100 रुपये में से केवल 15 रुपये ही लाभार्थी तक पहुंचते थे, शेष भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाते थे। कहा कि किसानों के खेती कार्य को ध्यान में रखते हुए दो माह कार्य स्थगित रखने की व्यवस्था की गई है। वीबी जी रामजी योजना के तहत गांवों को ए, बी और सी ग्रेड में वर्गीकृत कर विकास कार्य किए जाएंगे।
डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 60 लाख आवास दिए गए हैं। तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद तीन करोड़ और आवास देने का संकल्प लिया गया है। आयुष्मान कार्ड, सौभाग्य योजना और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आय अर्जित कर रही हैं और लखपति दीदी योजना के तहत तीन करोड़ महिलाओं को सशक्त बनाने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के पास संसाधनों की कमी नहीं है और युवाओं को रोजगार मांगने के बजाय रोजगार देने वाला बनना चाहिए। जनपद में भाजपा का एक भी विधायक न होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने 2027 में सभी दस सीटों पर जीत का लक्ष्य रखा और आजमगढ़ में कमल खिलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में गोरखपुर प्रांत अध्यक्ष सहजानंद राय, जिलाध्यक्ष ध्रुव सिंह, पूर्व मंत्री यशवंत सिंह, पूर्व सांसद नीलम सोनकर, पूर्व मंत्री श्रीराम सोनकर, पूर्व विधायक रामदर्शन यादव, ब्लॉक प्रमुख अरविंद सिंह आदि रहे।