मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। सर्दी-जुकाम, गले में खराश, सिरदर्द और शरीर में दर्द के साथ बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 25 फीसदी ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को अन्य दिनों की अपेक्षा काफी भीड़ रही। पंजीकरण काउंटर से लेकर चिकित्सकों के कक्ष तक मरीज दिखे। अस्पताल के एसआईसी डॉ. सतीश चंद कन्नौजिया ने बताया कि प्रतिदिन एक हजार या इससे अधिक की ओपीडी हो रही है।
बाल रोग, फिजिशियन और ईएनटी की ओपीडी में सर्दी, खांसी, गले में खराश, बुखार, सिरदर्द और शरीर में दर्द की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। कई मरीजों में पहले हल्की सर्दी-जुकाम होती है और इसके बाद बुखार चढ़ जाता है।
मरीज की स्थिति और लक्षणों के आधार पर उपचार किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर रक्त की जांच भी कराई जा रही है। वर्तमान में वायरल संक्रमण का दौर चल रहा है। बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने और दिन-रात के तापमान में उतार-चढ़ाव से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
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पांच से सात दिन तक बुखार, कमजोरी भी
उन्होंने बताया कि ओपीडी में आने वाले कई मरीज पांच से सात दिन से सर्दी-जुकाम और बुखार से परेशान होने की बात बता रहे हैं। बुखार के साथ कमजोरी, सिरदर्द और शरीर में दर्द की शिकायत भी सामने आ रही है। बच्चों और बुजुर्गों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।
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बरतें ये सावधानियां
बारिश में भीगने से बचें और गीले कपड़े तुरंत बदलें।
जिसे सर्दी-जुकाम या बुखार हो, तो उसके संपर्क में आने से बचें।
खांसते और छींकते समय मुंह व नाक को रुमाल या टिश्यू से ढकें।
हाथों को साबुन से नियमित रूप से धोते रहें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और पौष्टिक भोजन लें।
साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखें।
बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वालों का ख्याल रखें।
लगातार तेज बुखार या सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।