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Azamgarh News: नागपंचमी पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, मंदिरों में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे

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महाराजगंज क्षेत्र के रुपयनपुर शिवालय के पास स्थित कुएं से जल निकालते भक्त। संवाद
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सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी का पर्व सोमवार को जिलेभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। शिव भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित किए।
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नागपंचमी के अवसर पर नाग देवता की भी विधि-विधान से पूजा की गई। कई स्थानों पर कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए विशेष पूजन कराया गया।
सुबह महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक परिधानों में सजकर शिव मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। घरों के बाहर गोबर से नाग देवता की आकृति बनाकर पूजन किया गया और नाग देवता की कथा सुनी गई।
लालगंज क्षेत्र के शिवालयों में भी सुबह से श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। उप जिलाधिकारी नेहा मिश्रा ने पातालेश्वर महादेव, गोसाईं की बाजार सहित अन्य शिवालयों का निरीक्षण किया।
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सगड़ी क्षेत्र के प्राचीन शिव मंदिर जीयनपुर में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि मनीष मिश्र ‘पिंटू’ के नेतृत्व में सामूहिक रुद्राभिषेक, भजन और भंडारे का आयोजन हुआ। देर रात तक चले भंडारे में हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। भजन गायक सौरभ श्रीवास्तव ‘सुर संग्राम’ ने भक्ति गीत प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
पवई क्षेत्र के बेलवाई स्थित प्राचीन श्री भुवनेश्वरनाथ महादेव मंदिर में नागपंचमी और तीसरे सोमवार पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मध्यरात्रि से ही कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया।
अयोध्या से सरयू जल लेकर पहुंचे कांवड़ियों ने भी बाबा का जलाभिषेक किया। दोपहर तक बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे और ठंडी लस्सी की व्यवस्था की गई।
बिंद्राबाजार के रानीपुर रजमो स्थित मां अगवानी मंदिर परिसर में नागपंचमी पर भव्य मेले का आयोजन हुआ। जिले के अलावा मऊ, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और आसपास के जिलों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे। लोगों ने मां अगवानी और अगवान बाबा का दर्शन-पूजन कर मन्नतें मांगीं और प्रसाद ग्रहण किया।
महाराजगंज क्षेत्र के रुपयनपुर स्थित पातालेश्वर मंदिर में भी भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर स्थित कुएं से रस्सी के सहारे जल निकालकर पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग कतारों में श्रद्धालुओं ने अपनी बारी का इंतजार किया। इसके बाद बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर बेलपत्र और धतूरा चढ़ाया। हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा।
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