आजमगढ़। सड़क दुर्घटना में युवती की मौत के बाद सोमवार की शाम लगभग चार बजे परिजनों और ग्रामीणों ने तरवां क्षेत्र के नेवरसिया बाजार में शव रखकर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी भागे हुए बोलेरो चालक की गिरफ्तारी और उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। करीब एक घंटे बाद सीओ लालगंज के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ।
तरवां थाना क्षेत्र के नेवरसिया गांव निवासी प्रमोद कन्नौजिया रविवार को अपराह्न लगभग ढाई बजे बेटी पूनम को तरवां बाजार से दवा दिलाकर साइकिल से घर लौट रहे थे। नेवरसिया बाजार के पास बोलेरो की टक्कर से पूनम की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि प्रमोद घायल हो गए। उनका इलाज मेडिकल कॉलेज चक्रपानपुर में चल रहा है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी है। घटना के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। मृतका के चाचा की तहरीर पर तरवां थाने में अज्ञात बोलेरो चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। सोमवार की शाम को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचा, परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने नेवरसिया बाजार की मुख्य सड़क पर शाम करीब चार बजे शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर सीओ लालगंज भूपेश पांडेय, थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिजन भागे चालक की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। क्षेत्राधिकारी ने 24 घंटे के भीतर आरोपी चालक को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। लगभग एक घंटे तक सड़क जाम रहा। इसके बाद परिजन शव को औड़िहार घाट ले गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया।