आजमगढ़। जनपद में ब्लैक फंगस के पांच मरीज थे जिसमें से दो की मौत हो गई है। अभी तीन संक्रमित जिले में हैं। जिसमें से दो का इलाज राजकीय मेडिकल कालेज में हो रहा है। जबकि एक संक्रमित का इलाज लखनऊ में चल रहा है। ब्लैक फंगस को लेकर मेडिकल कालेज में वार्ड बनकर तैयार हो गया है। मंगलवार को मेडिकल कालेज में भर्ती दो मरीजों के इलाज के लिए दवाएं भी पहुंच गई है।
कोरोना महामारी के संक्रमण कम होने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। लेकिन अब ब्लैक फंगस ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। अपना जिला भी इससे अछूता नहीं है। जिले में अब तक ब्लैक फंगस के पांच मरीज मिल चुके हैं। जिसमें एक की लखनऊ में और एक की अपने घर पर मौत हो चुकी है। दो का इलाज मेडिकल कालेज और एक का लखनऊ में हो रहा है। इन सबके बीच ब्लैक फंगस के मरीजों के उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कालेज में 30 बेड आरक्षित किए गए हैं। हालांकि सोमवार तक जनपद में ब्लैक फंगस के रोगियों के लिए जनपद में दवा की कोई व्यवस्था नहीं थी। लेकिन मेडिकल कालेज में दो मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा था। मंगलवार को सिर्फ इन दोनों मरीजों के लिए ही दवा आ सकी है। अभी और मरीज आ जाएं तो स्वास्थ्य विभाग के पास जिले में दवा की कोई व्यवस्था नहीं है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि उसके पास ब्लैक फंगस से निपटने की सारी तैयारियां पूरी है। जनपद में चिकित्सकों की कोई कमी नहीं है। ओपीडी में भी अब चिकित्सक बैठने लगे हैं। जिसके कारण काफी हद तक समस्या का समाधान हो गया है।
नाक के रास्ते होने वाली बिमारी है ब्लैक फंगस
आजमगढ़। सीएमओ डा. एके मिश्रा ने बताया कि ब्लैक फंगस नाक के रास्ते होने वाली बिमारी है। इससे सिरदर्द, आंखों का मूवमेंट न करना, आंखों की बाहरी त्वचा पर पपड़ी पड़ना, आंख से कम दिखना, काला धब्बा होना इसके लक्षण हैं। इसमें राहत भरी बात यह है कि यह कोरोना की तरह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती है। इसलिए इससे पीड़ित मरीज से दूसरे व्यक्ति को खतरा नहीं है।
टेली मेडिसिन में कम आ रहे मरीजों के फोन
आजमगढ़। प्लास्टिक सर्जन डा. सुभाष सिंह ने बताया कि कोरोना काल में प्रतिदिन 40 से 50 फोन आते थे। लेकिन अब फोन करने वाले मरीजों की संख्या में काफी कमी आई है। अब दो-चार फोन ही प्रतिदिन आते हैं। वर्तमान में लोग फोन करके ब्लैक फंगस के संबंध में जानकारी हासिल कर रहे हैं।
राजकीय मेडिकल कालेज में ब्लैक फंगस के मरीजों के उपचार के लिए 30 बेड आरक्षित किए गए हैं। यहां पर दो मरीजों का उपचार भी चल रहा है। इन दोनों मरीजों के मंगलवार की शाम को दवा आई है। अभी शासन स्तर से और दवाएं नहीं मिली हैं। जैसे ही शासन से अनुमति मिलेगी गाड़ी भेजकर दवाएं मंगा ली जाएगी। अभी तक जिले में ह्वाइट और यलो फंगस का कोई मरीज नहीं है।
डा. एके मिश्रा, सीएमओ।