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किसानों के समर्थन में सपा का कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

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समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नए कृषि कानून का विरोध कर रहे किसान आंदोलन के समर्थन में बुधवार को पार्टी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया। विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सपा के निर्वतमान जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार पूंजिपतियों की सरकार है। किसान छह माह से दिल्ली में धरना दे रहा है लेकिन केंद्र किसानों की मांगों को लेकर उदासीन है। उन्होंने कहा कि किसान चाहते हैं कि वर्ष 1955 का आवश्यक वस्तु अधिनियम कानून समाप्त न किया जाए। किसानों की जमीन पूंजीपतियों के हाथ गिरवी रखने वाले कानून कांट्रैक्ट फार्मिंग को खत्म किया जाए। न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून बना कर किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिया जाए। किसानों को उनकी पैदावार का दो गुना मूल्य दिया जाए लेकिन केंद्र की मोदी सरकार पूंजीपतियों के दबाव में काला कानून वापस लेने के लिए तैयार नहीं है। देश में किसान संगठनों ने 26 मई को काला दिवस मनाकर नए कृषि कानून का विरोध किया। प्रदर्शनकारी सपा नेताओं ने किसानों के आंदोलन व मॉगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि डीजल, विद्युत, खाद, यंत्रों के बढ़ते मूल्य के कारण खेती मॅहगी होती जा रही है। जिसके चलते किसान परेशान है। किसान खेती के बदौलत अपने परिवार का भरण-पोषण नहीं कर पा रहे हैं।
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