आजमगढ़ सदर सीट से दुर्गा प्रसाद यादव, अतरौलिया से डॉ. संग्राम यादव, गोपालपुर से नफीस अहमद, निजामाबाद से आलमबदी आजमी, सगड़ी से डॉ. एचएन पटेल, लालगंज से बेचई सरोज, मेंहनगर से पूजा सरोज, फूलपुर पवई से रमाकांत यादव, मुबारकपुर से अखिलेश यादव, दीदारगंज से कमलाकांत राजभर ने जीत दर्ज की है।
सबसे बुरा हाल तो आजमगढ़ में बसपा का हुुआ है। कभी जिले के इस विधानसभा सीट पर पहले या दूसरे स्थान पर रहने वाली बसपा इस बार सभी सीटों पर तीसरे पायदान पर पहुंच गई। वहीं ओवैसी की एआईएमआईएम मुबारकपुर विस सीट पर दूसरे स्थान पर पहुंच कर अपनी बेहतर उपस्थिति दर्ज कराई है। भा
भारतीय जनता पार्टी ने जिले में इस बार भले ही किसी भी सीट पर जीत नहीं दर्ज किया लेकिन मुबारकपुर को छोड़ शेष सभी नौ सीटों पर इस पार्टी के प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे। आजमगढ़ सदर सीट से अखिलेश मिश्रा व अतरौलिया से भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी के प्रशांत सिंह ने तो सपा के विजेता उम्मीदवारों दुर्गा प्रसाद यादव व डॉ. संग्राम यादव को नाकों चने चबाने पर मजबूर कर दिया।
2022 के विस चुनाव ने आजमगढ़ को पूरी तरह से जहां सपा का गढ़ साबित कर दिया है तो वहीं बसपा के स्थान पर भाजपा को नंबर दो पार्टी बना दिया है। बसपा इस बार पूरी तरह से फिसड्डी साबित होते हुए तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। कांग्रेस पार्टी की बात की जाए तो किसी भी सीट पर वह बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकी है।