चार सूत्री मांगों में एडीए के सभी संदिग्ध कार्यों की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई, नक्शा स्वीकृति व निर्माण प्रक्रिया को पारदर्शी, ऑनलाइन और ट्रैक योग्य बनाना तथा आम जनता की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण शामिल है।
समाजसेवी डीएन सिंह ने कहा कि कानून लोकहित में बना है, लेकिन एडीए के अधिकारी और कर्मचारी अपनी शर्तों पर धनउगाही कर जनता का शोषण कर रहे हैं, जिसे कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस मौके पर डॉ. राकेश राय, अरुण चौरसिया, अनिल तिवारी, सुजीत मिश्रा, देवनारायण सिंह, बलबीर सिंह, युधिष्ठिर दुबे, संदीप सिंह रिंकू, आशीष तिवारी, दीना मिश्रा आदि मौजूद रहे।