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लक्ष्य पूरा न न होने पर बीडीओ होंगे निलंबित

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आजमगढ़। सरकार की ओर से मनरेगा योजना का संचालन कर लोगों को गांव में 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन मार्च माह में अभी तक मात्र 839 परिवारों को ही 100 दिन का रोजगार दिया जा सका है। 17865 परिवार ऐसे हैं जिन्हें अब तक 100 दिन का रोजगार नहीं उपलब्ध कराया जा सका है। डीएम ने कहा है कि मार्च माह के शेष बचे दिनों में लाभार्थियों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराएं अन्यथा बीडीओ के खिलाफ निलंबन के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई और एपीओ की सेवा समाप्त की जाएगी।
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डीसी मनरेगा बीबी सिंह ने बताया कि सरकार की मंशा है कि गांवों से पलायन रोकने के लिए गांव में जाब कार्ड धारियों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाए। लेकिन गांवों में इनके रोजगार सृजन को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। जिसका परिणाम है मार्च महीना पूरा होने वाला अभी तक जाबकार्ड धारियों को 100 दिन रोजगार नहीं उपलब्ध कराया जा सका है। मनरेगा योजना के तहत शासन स्तर से जनपद को 69 लाख 29 हजार मानव दिवस सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया है जिसके सापेक्ष जिले में 65 लाख 50 हजार मानव दिवस सृजन हो चुका है। जो लक्ष्य के सापेक्ष 93 प्रतिशत है। जिले में अब तक 839 परिवारों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया गया है। अभी 17865 परिवार ऐसे हैं जिन्हें अब तक 81 से 99 प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराया गया है। जनपद के तीन ब्लाकों लालगंज, हरैया और जहानागंज में शत-प्रतिशत मानव दिवस का सृजन हुआ है। लेकिन तहबरपुर 52, पल्हनी 60, बिलरियागंज 65 अहरौला 67, अतरौलिया 69, कोयलसा 70 और पल्हना ने 71 प्रतिशत मानव दिवस सृजन किया है। इसमें बिलरियागंज और तहबरपुर ब्लाक ऐसे जिन्होंने एक भी परिवार को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध नहीं कराया है। इसे लेकर गंभीर हुए डीएम एनपी सिंह ने कहा है कि यदि वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर इन ब्लाकों ने शत-प्रति लक्ष्य हासिल नहीं किया तो इनके बीडीओ के निलंबन की कार्रवाई की जाएगी और एपीओ की सेवा समाप्त की जाएगी। इसलिए सभी लोग 31 मार्च तक हर हाल में लक्ष्य को हासिल करें।
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