आजमगढ़। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जनपद में आक्सीजन की कामर्शियल बिक्री पर रोक लगा दी गई है। औषधि निरीक्षक का दावा है कि जनपद में आक्सीजन की कमी नहीं है। लेकिन फेवीफ्लू और रेमडिसेविर की कमी है। हालांकि फेवीफ्लू दो सौ पत्ता आया है और रेमडिसेविर भी एक दो दिन में आने की संभावना है। रेमडिसेविर की ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए टीम का गठन किया गया है। टीम छापे की कार्रवाई कर कालाबाजारी पर लगाम लगाएगी।
जनपद में कोरोना संक्रमित एक्टिव केसों की संख्या 2378 हो गई है। कई दिनों से कोरोना संक्रमितों के मिलने का आंकड़ा 200 से ऊपर बना हुआ है। मरने वाले मरीजों की संख्या में भी दिन प्रतिदिन वृद्धि हो रही है। कोरोना संक्रमित मरीजों से अस्पताल भर चुके हैं। मेडिकल कालेज में पहले ही सारे बेड फुल हो चुके हैं। जिला प्रशासन की ओर से दो प्राइवेट अस्पतालों लाइफ लाइन और रमा हास्पिटल को हैंडओवर कर इन्हें कोविड अस्पताल के रूप में कन्वर्ट किया जा चुका है। लेकिन यहां भी धीरे-धीरे सारे बेड भरने के कगार पर हैं। जनपद में मंगलवार को एक कोरोना पीड़ित ने आक्सीजन न मिलने के कारण दम तोड़ दिया। लेकिन स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जनपद में आक्सीजन की कोई कमी नहीं है। जनपद में आक्सीजन के कामर्शियल उपयोग पर रोक लगा दी गई है। हो सकता है कि अस्पतालों ने उन्हें भर्ती न किया हो। लेकिन फेेवीफ्लू टैबलेट और रेमडिसेविर इंजेक्शन की कमी है। इसके भी एक दो दिन में उपलब्ध होने की संभावना है। जनपद में रेमडिसेविर की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए टीम का गठन किया गया है।