आजमगढ़। भारतीय प्रबंधन संस्थान में संपन्न हुए मंथन कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश में 18 मंडल मुख्यालयों को सर्वश्रेष्ठ माडल जिलों के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया है। इन 18 मंडलों में आजमगढ़ को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा इन जनपदों की रैकिंग का निर्धारण करने के लिए एक समिति का गठन भी किया गया है।
सरकारी योजनाओं के सही क्रियांवयन और जनपदों में उनके 100 प्रतिशत क्रियांवयन को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने 18 मंडल मुख्यालयों को सर्वश्रेष्ठ माडल जिले के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। मंडल मुख्यालयों केे माडल जिले के रूप में विकसित होने के बाद अन्य जनपदों का भी विकास उसी तर्ज पर किया जाएगा। इस संदर्भ में कार्रवाई के बिंदू निर्धारण और संस्तुति दिए जाने के लिए समिति का गठन किया गया है। जिसमें अपर मुख्य सचिव नियोजन और कार्यक्रम कार्यांवयन उप्र शासन को अध्यक्ष, मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार केवी राजू, नियोजन विभाग के विशेष सचिव अग्रवाल, कार्यक्रम कार्यांवयन के विशेष सचिव, दीर्घ कालीन योजना प्रभाग उप्र के निदेशक, क्षेत्रीय नियोजन प्रभाग उप्र के निदेशक को सदस्य बनाया गया है। जबकि निदेशक, अर्थ एवं संख्या प्रभाग उप्र को संयोजक बनाया गया है। इस समिति द्वारा जनपदों की रैंकिंग के प्रदर्शन के लिए संकेतकों का चयन किया जएगा। जिनके आधार पर जनपदों की रैंकिंग होगी। साथ ही समिति द्वारा जनपद में कार्यांवयन योग्य रणनीतियों को चिन्हित कर 15 दिन में अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव उप्र शासन को प्रस्तुत की जाएगी। समिति द्वारा आवश्यकतानुसार अन्य अधिकारियों और वाह्य विशेषज्ञों को भी शामिल किया जा सकता है। इसके लिए विशेष सचिव नियोजन अंकित कुमार अग्रवाल द्वारा सभी जनपदों के मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को पत्र भेज दिया गया है।
इन जिलों का किया गया है चयन
आजमगढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जिन 18 मंडल मुख्यालयों का चयन प्रथम फेेज के लिए किया गया है। उनमें आगरा, अलीगढ़, झांसी, बांदा, लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, सहारनपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़, कानपुर, प्रयागराज, फैजाबाद और गोंडा शामिल हैं।
योजनाओं के क्रियान्वयन पर रहेगा जोर
आजमगढ़। मुख्यमंत्री द्वारा जिन मंडल मुख्यालयों को माडल जिले के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। उन जिलों में अलग से कोई कार्य नहीं होंगे बल्कि सरकार द्वारा संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा। इस बात पर जोर दिया जाएगा कि इन जिलों में कोई भी लाभार्थी जो पात्र हो वह योजना का लाभ पाने से वंचित नहीं रह जाए। चाहे वह आयुष्मान योजना हो, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास, शौचालय, पेंशन योजनाएं आदि से लोगों को 100 प्रतिशत लाभांवित किया जाना ही इसका लक्ष्य है।
जिन मंडलीय मुख्यालयों को माडल जिले के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इसमें सरकारी योजनाओं पर जोर रहेगा। फिलहाल कोई अलग से कार्य कराने के निर्देश नहीं मिले हैं। मंडल मुख्यालयों को माडल जिले के रूप में विकसित होने के बाद दूसरे जनपदों में इसे लागू कर उन्हें माडल जिला बनाया जाएगा।
आनंद कुमार शुक्ला, सीडीओ।