एसओ पर लगाए गए गंभीर आरोप
रंजना देवी का आरोप है कि पिछले साल प्रधान के भाई की हत्या के बाद से ही एसओ महाराजगंज उसके परिवार का उत्पीड़न कर रहे हैं। वह खुद को प्रधान का रिश्तेदार बताते हैं। प्रधान के भाई की हत्या में मेरे देवर को भी नामजद किया गया था, वह कुछ दिन पूर्व ही जमानत पर छूटकर आया है। घर में घुसकर तोड़फोड़ की गई है और बाल उखाड़ कर पीटा गया।
प्रधान के भाई की हत्या में राजेश साहनी भी नामजद था। वह गिरफ्तार होकर जेल भी गया था और वर्तमान में जमानत पर छूटा हुआ है। राजेश ने बताया कि प्रधान पक्ष के कहने पर रिश्तेदार एसओ हम पर अत्याचार कर रहे हैं। प्रधान ने कुछ दिनों पूर्व मेरा एक्सीडेंट भी कराया था, जिसकी शिकायत लेकर थाने पर पहुंचा था तो एसओ ने डांट-फटकार कर भगा दिया था। प्रियंका साहनी वीडियो बना रही थी। उस पर पुलिस कहर बनकर टूट पड़ी।
पुलिस ने किया तोड़फोड़ से इंकार
एसओ महराजगंज गजानंद चौबे ने तोड़फोड़ व मारपीट की किसी भी घटना से इंकार किया है। उनका कहना है कि गुंडा एक्ट का नोटिस लेकर गए दो सिपाहियों पर महिलाओं ने हमला बोल दिया था। सिपाहियों की सूचना पर वे भी फोर्स के साथ गांव में पहुंचे थे और नोटिस तामील करा कर लौट आए। मारपीट व तोड़फोड़ का वीडियो फर्जी है। एसपी ग्रामीण सिद्धार्थ ने घटना की जानकारी होने से इंकार किया।
प्रधान के भाई की हत्या के बाद से ही गोंदापुर गांव का माहौल खराब है। जिसके चलते मैंने एसओ को इस गांव पर विशेष नजर रखने को कहा था। हत्याकांड में चार अभियुक्तों पर गुंडा एक्ट लगाया गया है, जिसकी नोटिस तामील कराने पुलिस गांव में गई थी। जिस स्कार्पियों में तोड़फोड़ की बात कही जा रही है, उसका शीशा पहले से ही टूटा हुआ था।
अजय यादव, सीओ सगड़ी