एसपी बोले फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगा दी गई हैं। बताया कि पूर्व सांसद और सपा नेता रमाकांत व भाजपा विधायक अरुणकांत से जुड़े कनेक्शन भी तलाशे जा रहे हैं।
आजमगढ़ जहरीली शराब कांड के बाद रूपईपुर में पकड़ी गई अवैध शराब फैक्ट्री के भंडाफोड़ के दौरान फरार छह अभियुक्तों पर एसपी अनुराग आर्य ने 25-25 हजार का इनाम घोषित किया था। लेकिन, डीआईजी अखिलेश कुमार ने फरार अभियुक्तों में शामिल चार सगे भाइयों मो. नदीम, मो. कलीम, मो. नईम व मो. सलीम, निवासी रुपईपुर थाना अहरौला पर 50-50 हजार कर इनाम घोषित कर दिया है।
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एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि सभी पर गैंगेस्टर एक्ट लगा कर 14 ए के तहत संपत्ति जब्त करने की भी कार्रवाई की जाएगी। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगा दी गई हैं। बताया कि पूर्व सांसद और सपा नेता रमाकांत व भाजपा विधायक अरुणकांत से जुड़े कनेक्शन भी तलाशे जा रहे हैं।
अहरौला के रुपाईपुर गांव से छापेमारी के दौरान बरामद हुई नकली सिरप और शराब बनाने के अन्य सामान।
- फोटो : अमर उजाला
रूपईपुर गांव में अवैध शराब फैक्ट्री पकड़े जाने की जानकारी होने पर एसपी अनुराग आर्य भी वहां जाने के लिए निकल पड़े। लेकिन, इस दौरान माहुल पहुंचने के बाद पुलिस चौकी के सिपाहियों के साथ जब वह आगे बढ़े तो रास्ता भटक गए। फिर उन्होंने मातहतों की जमकर क्लास ली और खुद लोकेशन पता लगाने के बाद मौके पर पहुंचे।
कंट्रोल रूम से होगी शराब की दुकानों, गोदामों की निगरानी
सरकारी दुकानों से जहरीली शराब की बिक्री और उससे हुई मौतों के बाद प्रशासन ने सरकारी दुकानों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है। जिलाधिकारी ने सभी दुकानों व गोदामों को सीसीटीवी के माध्यम से ऑनलाइन करने का आदेश दिया है। उन्होंने जिला मुख्यालय पर उसका कंट्रोल रूम बनाने का निर्देश आबकारी विभाग को दिया है।
दो दशक में जिले में जहरीली शराब की यह पांचवीं बड़ी घटना हुई है। इसके पूर्व इरनी, मुबारकपुर, जीयनपुर-रौनापार, पवई-दीदारगंज में जहरीली शराब कांड हो चुका है। इसमें पवई व माहुल की घटना में सरकारी दुकान से जहरीली शराब बेचे जाने की बात सामने आई है।
ऐसे में अब जिला प्रशासन ने सरकारी शराब की दुकानों व उनके संचालकों के साथ ही आबकारी विभाग की भी नकेल कसने की रणनीति बनाई है। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने सभी सरकारी देसी व अंग्रेजी शराब की दुकानों और गोदामों के संचालकों को निर्देशित किया है कि वे दुकानों व गोदामों पर सीसीटीवी कैमरे लगवा लें, जिन्हें आबकारी विभाग की ओर से जिलास्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। यहां से सीधे दुकानों व गोदामों की निगरानी होगी, ताकि दुकानों पर नकली शराब की खेप पहुंचने पर लगाम लगाई जा सके।