शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली बसपा के टिकट पर मुबारकपुर विधानसभा सीट से 2012 में विधयाक बने थे। मायावती ने बीते वर्ष उन्हें बसपा विधायक दल का नेता भी बनाया था, लेकिन उन्होंने 2022 विधानसभा चुनाव से पहले बसपा से इस्तीफा देकर असद्दुदीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम में शामिल होकर अपनी किस्मत आजमाई थी, लेकिन इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ गया।
यूपी विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम के सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। मुबारकपुर सीट से शाह आलम गुड्डू जमाली ही एक मात्र ऐसे उम्मीदवार थे जो अपनी जमानत बचा पाए थे। बाद में फिर से बसपा में शामिल हो गए।
शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली मूल रूप से आजमगढ़ के जमालपुर गांव के रहने वाले हैं। इनके पिता अधिवक्ता हैं। शाह आलम ने प्रारंभिक शिक्षा आजमगढ़ से ग्रहण की उसके बाद जामिया मिलिया विश्वविद्यालय से बीकॉम की शिक्षा ग्रहण के बाद एमबीए किया। पूर्वांचल कंस्ट्रक्शन कंपनी में यह बतौर एमडी कार्यरत हैं। पूर्वांचल कंस्ट्रक्शन कंपनी मुख्य रूप से रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ी हुई है।