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UP News: आजमगढ़ जेल में 52.85 लाख की धोखाधड़ी के मामले में जेल अधीक्षक निलंबित, जांच में हुआ ये खुलासा

Tue, 14 Oct 2025 01:12 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

Azamgarh News: आजमगढ़ जेल में 52.85 लाख की धोखाधड़ी के मामले में शासन ने बड़ा एक्शन लिया है। इस मामले में जेल अधीक्षक आदित्य कुमार सिंह को निलंबित किया गया है। 
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Suspended - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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आजमगढ़ जिला कारागार में सरकारी खाते से 52.85 लाख रुपये की वित्तीय हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद शासन ने बड़ा कदम उठाया है। जेल अधीक्षक आदित्य कुमार सिंह को जिम्मेदारी में लापरवाही, धन गबन और कार्य में शिथिलता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इसकी पुष्टि अपर महानिरीक्षक जेल धर्मेंद्र सिंह ने की।

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जांच में खुलासा हुआ कि अधीक्षक के नाम से चल रहे खाते से कैदियों और जेल कर्मियों की मिलीभगत से फर्जी चेक जारी कर रकम निकाली गई। डीआईजी जेल शैलेंद्र कुमार मैत्रेय ने 11 अक्तूबर को जेल में करीब 8 घंटे तक जांच की और शासन को रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद कार्रवाई की गई। धोखाधड़ी में शामिल चार आरोपी रामजीत यादव, शिवशंकर यादव उर्फ गोरख, वरिष्ठ लेखाधिकारी मुशीर अहमद और चौकीदार अवधेश कुमार पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। 

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जांच में सामने आया कि बंदी रामजीत यादव को लेखा कार्यालय में वरिष्ठ सहायक मुशीर अहमद का लेखक बनाया गया था। वहीं से दोनों ने मिलकर जेल अधीक्षक के चेकबुक से फर्जी हस्ताक्षर कर चेक जारी किए और रकम निकाल ली। मुख्य आरोपी रामजीत ने धोखाधड़ी के पैसों से बहन की शादी में 25 लाख खर्च किए और 3.75 लाख की बुलेट खरीदी। लेखाधिकारी मुशीर अहमद ने लगभग 7 लाख रुपये खर्च किए, जबकि चौकीदार अवधेश को 1.5 लाख रुपये मिले। 
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डीआईजी की जांच में सामने आया पूरा घोटाला

डीआईजी जेल शैलेंद्र कुमार मैत्रेय ने बताया कि आरोपी केनरा बैंक के ब्लैंक चेक गायब कर फर्जी हस्ताक्षर से पैसे निकालते रहे। आरोपी बैंक से बैंक ट्रांजैक्शन करते थे ताकि संदेह न हो। डीआईजी ने कहा कि पूरे प्रकरण की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है और जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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