आजमगढ़। घने कोहरे के साथ सर्द हवाओं ने मुश्किलों को बढ़ा दिया है। बुधवार को दोपहर तक कोहरे की चादर छाई रही। वहीं, पछुआ हवाएं भी चलती रहीं। इससे लोग घरों में दुबकने को विवश हो गए हैं। दोपहर बाद हल्की धूप निकली तो लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम का मिजाज बदलने से ठंड चरम पर पहुंच गई है। धूप निकलने के बाद भी बुधवार को गलन कायम रही। पूरे दिन भर पछुआ हवाएं चलती रहीं। पिछले एक सप्ताह से कोहरे के साथ बढ़ी ठंड से जनमानस बेहाल है। कोहरे ने वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। बुधवार को कोहरा तो कम रहा लेकिन ठंड पूरे शबाब पर थी। बाहर निकलने पर ऐसा लग रहा था जैसे शरीर पर कोई कपड़ा ही न हो। दोपहर में हल्की धूप निकलने से लोगों ने कुछ राहत महसूस की। जिले का न्यूनतम तापमान सात डिग्री और अधिकतम 18 सेल्सियस रिकार्ड किया गया। वहीं, शाम होते ही बढ़ी गलन ने लोग फिर घरों में दुबकने लगे। वहीं, नगर पालिका की ओर से जलवाए जा रहे अलाव के पास लकड़ी न होने के कारण अलाव ठंडे दिखाई पड़े।
ठंड लगे तो तत्काल चिकित्सक से करें संपर्क
आजमगढ़। जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राजनाथ ने बताया कि ठंड लगने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। ठंड के कारण पेट में दर्द, सीने में जकड़न, उल्टी-दस्त आदि की समस्या होती है। इसलिए जब भी घर से बाहर निकलें तो गर्म कपड़े पहने, कानों को भी ढककर रखें, ठंडे पानी से नहाने से बचें, पैरों में जूते और हाथों में दस्ताने पहनें। ठंड लगने पर तत्काल चिकित्सालय में संपर्क करें। चिकित्सक की सलाह के बिना दवा न लें।