हंगामा कर रहे लोगों को समझाती पुलिस।
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डीहवा तरौधी गांव निवासी धीरज (18) पुत्र राजेंद्र प्रसाद और उसकी चाची रजनी (40) पत्नी हरेंद्र यादव बुधवार की सुबह आलू के खेत में काम करने के लिए गए थे। उनके खेत के बगल में ही गांव के ही एक व्यक्ति का खेत था। उसने अपने खेत को पशुओं से बचाने के लिए चारो तरफ से उसकी तारबंदी कर रखी थी।
उस तार में उसने करंट लगा रखा था। काम करते समय धीरज का फावड़ा तार में उलझ गया। जब उसने उसे छुड़ाने का प्रयास तो वह करंट की चपेट में आ गया। उसे बचाने पहुंची उसकी चाची भी करंट की चपेट में आ गई। जब तक लोग उन्हें बचाते धीरज की मौके पर ही मौत हो गई।
घायल चाची रजनी को उपचार के लिए लोग लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने रजनी को भी मृत घोषित कर दिया। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने दोनों शवों को सड़क पर रखकर हंगामा शुरू कर दिया।
लाश को सड़क पर रख विलाप करतीं महिलाएं।
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लोगों का आरोप था कि उक्त व्यक्ति ने झटका मशीन के तार में 11 हजार बोल्ट का करंट दौड़ा रखा था। अगर झटका मशीन होती तो वह झटका देकर छोड़ देती। लोग उक्त युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। लोगों के हंगामे की सूचना मिलते ही तहबरपुर, कंधरापुर और निजामाबाद थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। वहीं एसडीएम निजामाबाद और सीओ बूढ़नपुर के साथ फॉरेंसिक टीम भी पहुंची।
सीओ और एसडीएम ने लोगों को समझा बुझाकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर दो घंटे बाद जाम को समाप्त कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना स्थल पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलन किया।
झटका मशीन के लिए लगाए गए तार में एक व्यक्ति ने करंट दौड़ा रखा था। जिससे एक युवक और एक महिला की मौत हो गई है। अभी पीड़ित परिवार की तरफ से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी युवक को जेल भेजा जाएगा। - चिराग जैन, एसपी ग्रामीण।