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Azamgarh News: एटीएस ने फर्जी आधार कार्ड और भारतीय दस्तावेज तैयार करने वाले चार आरोपी किए गिरफ्तार

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21 मोहम्मद नसीम। - फोटो : विज्ञ​प्ति
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आजमगढ़। उत्तर प्रदेश एटीएस ने अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो रोहिंग्या, बांग्लादेशी और अन्य विदेशी नागरिकों के लिए इलेक्ट्रॉनिक व मैनुअल तरीके से कूटरचित भारतीय दस्तावेज और आधार कार्ड तैयार कर रहा था। एटीएस ने जिले से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए चारों आरोपियों में दो जनसेवा केंद्र संचालक और दो यूबीआई में बने आधार कार्ड काउंटर पर कंप्यूटर ऑपरेटर थे।
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एटीएस की तरफ से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, एटीएस को कुछ माह से सूचना मिल रही थी कि आजमगढ़, गोरखपुर, सहारनपुर, मऊ, औरैया, पश्चिम बंगाल के मुर्शीदाबाद व कोलकाता, बिहार के लखीसराय व कटिहार और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्रों में संचालित कुछ जन सेवा केंद्र संचालक वीपीएन व रिमोट सिस्टम के जरिए फर्जी आधार कार्ड बना रहे हैं। इन कार्डों का प्रयोग न सिर्फ पासपोर्ट बनवाने बल्कि सरकारी योजनाओं में अनुचित लाभ उठाने के लिए किया जा रहा था।

19 अगस्त को इस गिरोह के खिलाफ एटीएस थाना लखनऊ में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद लगातार दबिश देकर अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।गिरफ्तार आरोपियों में आजमगढ़ के जहानागंज थाना क्षेत्र के मंदे निवासी मोहम्मद शाकिब व हिमांशु राय और बिलरियागंज थाना क्षेत्र के भदाव गांव निवासी विशाल कुमार शामिल हैं। वहीं मऊ जनपद के घोसी थाना क्षेत्र के मदापुर समसपुर निवासी मृत्युंजय गुप्ता को गिरफ्तार किया गाय है। मृत्युंजय गुप्ता यूनियन बैंक बिलरियागंज शाखा से आधार काउंटर पर ऑपरेटर है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से भारी मात्रा में लैपटॉप, मोबाइल फोन, फिंगर स्कैनर, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, आधार कार्ड और अन्य कूटरचित दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस अब कस्टडी रिमांड पर लेकर आरोपियों से पूछताछ करेगी ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा सके।
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बैंक में ऑपरेटर व जनसेवा केंद्र संचालक बनकर कर रहे थे कूटरचित दस्तावेजों का खेल
आजमगढ़। एटीएस की गिरफ्त में आए फर्जी आधार गिरोह के कई सदस्य लंबे समय से बैंक शाखाओं और जनसेवा केंद्रों के माध्यम से सक्रिय थे। गिरोह के सदस्य वैध दिखने वाली पहचान का इस्तेमाल कर फर्जी आधार कार्ड बनवाने का काम करते थे। जहानागंज थाना क्षेत्र के मंदे गांव निवासी मोहम्मद शाकीब, इंटरमीडिएट तक शिक्षित है और एक निजी एजेंसी के जरिए यूबीआई (यूनियन बैंक ऑफ इंडिया) में बने आधार कार्ड अपडेशन काउंटर पर छह माह से कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। वह अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र है। इसी तरह, मऊ जनपद के घोसी थाना क्षेत्र के मदापुर समसपुर निवासी मृत्युंजय गुप्ता भी एक निजी एजेंसी के माध्यम से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की बिलरियागंज शाखा में आधार अपडेशन काउंटर पर ऑपरेटर था। बिलरियागंज थाना क्षेत्र के भदाव गांव निवासी विशाल कुमार पिछले दो वर्षों से बिलरियागंज नया चौक पर जनसेवा केंद्र का संचालन कर रहा था।
जहानागंज थाना क्षेत्र के मंदे गांव निवासी मोहम्मद नसीम, जिसने हाईस्कूल तक पढ़ाई की है, एक वर्ष से मऊ जनपद के चिरैयाकोट बाजार में जनसेवा केंद्र का संचालन करता था और आधार बनाने का कार्य भी करता था। एटीएस की मानें तो बैंक काउंटरों और जनसेवा केंद्रों पर कार्यरत इन आरोपियों ने अपने पद का दुरुपयोग कर बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज तैयार किए और इसके जरिए विदेशी नागरिकों को भारतीय पहचान दिलवाई।

21 मोहम्मद नसीम।- फोटो : विज्ञप्ति

21 मोहम्मद नसीम।- फोटो : विज्ञप्ति

21 मोहम्मद नसीम।- फोटो : विज्ञप्ति

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