आजमगढ़। आराजीबाग मोहल्ला निवासी साधना राय 799 करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिल को लेकर छह महीने से परेशान थी। रविवार को खबर प्रकाशित होने पर अधिशासी अभियंता ने खुद उन्हें फोन कर त्रुटि सुधार का आश्वासन दिया, वहीं लाइन मैन और मीटर रीडर भी मौके पर पहुंचे। अधिशासी अभियंता से बिल सुधारने का आश्वासन मिलने पर साधना राय ने राहत की सांस ली।
आराजीबाग मोहल्ले में साधना राय ने एक साल पहले मकान बनवाया और उसमें विद्युत का कनेक्शन लिया। जब पहला बिल में 799 करोड़ से अधिक का बकाया दिखा तो वह हैरान रह गईं। उन्होंने पहले इसकी शिकायत मौखिक रूप से की। लेकिन जब कोई बात नहीं बनी तो उन्होंने लिखित रुप से भी छह महीने में तीन बार शिकायत की। इसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं आया। जानकारी होने पर अमर उजाला ने रविवार के अंक में पेज नंबर एक पर एक साल पहले बनवाया मकान, पहला बिजली बिल आया 799 करोड़ शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया। खबर को प्रकाशन होते ही विभाग में हड़कंप मच गया। अधिशासी अभियंता रवि अग्रवाल के निर्देश पर लाइनमैन और मीटर रीडर उनके घर पहुंचे और मीटर से बिल का मिलान किया। इसके बाद अधिशासी अभियंता ने स्वयं फोन कर इसे कंप्यूटर की गलती बताते हुए उसे दुरुस्त कराने का भरोसा दिलाया। तब जाकर साधना राय ने राहत की सांस ली।