बलरामपुर। जिला महिला चिकित्सालय के कंगारू यूनिट में भर्ती 15 दिन का शिशु आखिरकार 13 वें दिन जिंदगी और मौत की जंग में हार गया। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। नवजात शिशु 15 दिन पहले रानी की सराय थाना क्षेत्र के दिलौरी गांव में तालाब के पास झाड़ियों के बीच में पाया गया था। जिसे पुलिस ने जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था।
रानी की सराय थाना क्षेत्र के दिलौरी गांव में तालाब के पास झाड़ियों के बीच 16 जून की सुबह वहां घूम रहे युवकों ने एक नवजात पाया था। गांव के चौकीदार द्वारा इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर पहुंची रानी की सराय थाना पुलिस ने नवजात बच्चे को तत्काल इलाज के लिए जिला महिला अस्पताल के कंगारू यूनिट में भर्ती कराया। तब से बच्चे का उपचार महिला चिकित्सालय के कंगारू यूनिट में चल रहा था। 13 दिनों से जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहा नवजात सोमवार की सुबह हार गया। एसआईसी ने इसकी सूचना शहर कोतवाली पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे कांटेबिल नवजात का शव लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां चिकित्सक व कांस्टेबिल के बीच पोस्टमार्टम कराने को लेकर खींचा-तानी हुई। पुलिस का कहना है कि चिकित्सक का काम पोस्टमार्टम कराना है। वहीं चिकित्सक का कहना था कि पुलिस द्वारा जब तक लिखित नहीं मिलेगा तब तक पोस्टमार्टम नहीं किया जाएगा। पोस्टमार्टम न होने के कारण नवजात के शव को डी फ्रीजर में रख गया दिया गया है। शहर कोतवाल केके गुप्ता ने बताया कि मामला संज्ञान में है। पोस्टमार्टम हुआ कि नहीं इसकी जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।