विगत एक माह तक खतरा बिंदू से ऊपर बहने के बाद घाघरा का जलस्तर अब लाल निशान से नीचे आ चुका है। कटान से अब देवारा खास राजा के मुराली का पुरवा से चार घर इसकी धारा में विलीन हो चुके हैं। नदी अब 270 बीघे जमीन को काट चुकी है। कई किसानों की गन्ने की फसल घाघरा की भेंट चढ़ चुकी है।
घाघरा में जलस्तर घटने के साथ ही कटान तेज हो गई है। कटान पीड़ितों को प्रशासन की तरफ से न तो अभी तक जमीन उपलब्ध कराई गई और नहीं मुआवजा दिया गया।
सगड़ी तहसील के देवारावासियों को लगातार एक माह तक दहलाने के बाद घाघरा का जलस्तर अब कम होने लगा है। नदी मंगलवार से खतरा बिंदू के नीचे बह रही है लेकिन जलस्तर घटने के साथ ही कटान तेज हो गई है।
कटान से अब देवारा खास राजा के मुराली का पुरवा से चार घर इसकी धारा में विलीन हो चुके हैं। नदी अब 270 बीघे जमीन को काट चुकी है। कई किसानों की गन्ने की फसल घाघरा की भेंट चढ़ चुकी है। कटान पीड़ितों को प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई भी सहायता मुहैया नहीं कराई गई है। न तो उन्हें जमीन उपलब्ध कराई और ना ही मुआवजा दिया गया। नदी द्वारा तेजी से की जा रही कटान को देखते हुए लोग अपनी गन्ने की फसल को काटकर पशुओं को खिला रहे हैं।
ग्राम प्रधान ईनरावती देवी का कहना है कि 10 हजार की आबादी का गांव है देवाराखास राजा। कटान को देखते हुए यहां रैन बसेरे की जरूरत है क्योंकि लोग अपना आशियाना खुद उजाड़कर दर-दर भटक रहे हैं लेकिन अधिकारियों और कर्मचारी सुन नहीं रहे हैं। इस बात को लेकर लोगों में रोष व्याप्त है।
घाघरा के घटने का क्रम जारी ः मंगलवार की शाम चार बजे नदी का जलस्तर बदरहुंआ नाले पर 71.26 मीटर और डिघिया पर 70.13 मीटर था। जो बुधवार की शाम चार बजे बदरहुंआ नाले पर घटकर 71.13 मीटर और डिघिया नाले पर 69.70 मीटर हो गया।