आजमगढ़। जून माह बीतने को है, लेकिन जिले की दोनों खंडों की किसी भी नहर में अभी तक पानी नहीं पहुंचा है। नहरें सूखी पड़ी हैं जिससे धान की रोपाई को लेकर किसान चिंतित हैं।
जिले में शारदा सहायक खंड 23 और शारदा सहायक खंड 32 की 350 से अधिक शाखाएं हैं। इनके माध्यम से लगभग 1.72 लाख हेक्टेयर की सिंचाई की होती है। नहरों के किनारे वाले बरदह, मेंहनगर, फूलपुर, कप्तानगंज, देवगांव, जहानागंज, अहरौला, महाराजगंज आदि क्षेत्रों के किसान खेती के लिए नहर के पानी पर ही निर्भर रहते हैं। इस बार 1.50 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई का लक्ष्य निर्धारित है। अगेती धान की खेती करने वाले किसानों की धान की नर्सरी तैयार हो चुकी है लेकिन नहरों में अभी तक पानी नहीं आया है। इसके कारण किसान धान की रोपाई को लेकर चिंतित है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कहा था कि 23 जून तक नहर में पानी पहुंच जाएगा। अब दो दिन बाद जुलाई माह शुरू होने वाला है लेकिन दोनों खंड की किसी भी शाखा में पानी नहीं पहुंचा है। किसान विनोद सिंह, लल्लन यादव, रामजीत, हरिहर आदि ने बताया जब जरूरत रहता तो नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाता है और जब जरूरत नहीं रहता है तो पानी छोड़ दिया जाता है। समय से पानी न मिलने से खेती प्रभावित होती है।
पानी आने का इंतजार कर रहे किसान
सगड़ी। तहसील क्षेत्र की शारदा सहायक खंड 32 के किसी भी शाखा में पानी नहीं है। जिन किसानों की नर्सरी तैयार हो गई है, वह नहर में पानी न आने का इंतजार कर रहे हैं ताकि धान की रोपाई कर सकें। किसान सुधीर सिंह, हरिनाथ मास्टर ,राजेश, रामनिवास, भृगुनाथ आदि ने विभागीय अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की है।
नहर में ऊपर से पानी छोड़ दिया गया है। पानी जिले की सीमा में आ चुका है। आज और कल में सभी जगहों पर पानी पहुंच जाएगा।- वीरेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई।