आजमगढ़। अब कुत्ता काटने की सुई (एआरवी/एसआरवी) निजी अस्पतालों में भी उपलब्ध रहेगी। शासन द्वारा जारी निर्देश के बाद निजी अस्पतालों को अनिवार्य रूप से कुत्ता काटने की वैक्सीन का स्टॉक रखने का आदेश दिया गया है।
यदि कोई मरीज निजी अस्पताल में कुत्ता, बंदर या अन्य जानवर के काटने की शिकायत लेकर आता है, तो उसे तत्काल इलाज के साथ प्रथम डोज की सुई लगाई जाएगी। इसके बाद मरीज को आगे के इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेजा जा सकता है। सीएमओ डॉ. एनआर वर्मा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में निजी अस्पतालों को जानवरों से सुरक्षा और इलाज की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। निजी अस्पतालों से सूचना एकत्र कर शासन को भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि कुत्ता या अन्य जानवर के काटने पर यदि इलाज में चूक होती है तो रैबीज (रेबीज) संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जो गंभीर बीमारी का रूप ले सकता है।