आजमगढ़। बढ़ता वायु प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है। बुजुर्गों व सांस के मरीजों के लिए यह बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। रात में एयर क्वालिटी इंडेक्स प्रदूषण से बढ़कर 170-174 के बीच पहुंच जा रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन 30 से 35 मरीज आ रहे हैं।
सर्दी बढ़ने के साथ वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने लगा है। वहीं, सहालग में देर रात तक आतिशबाजी हो रही है। इससे जिले का वायु गुणवत्ता खराब हो रही है। प्रदूषण बढ़ने से एक्यूआई बढ़ रहा है। शनिवार से सोमवार के बीच देखा जाय तो दिन में जहां एक्यूआई 150 से 160 के बीच रहता है वहीं, शाम के बाद धीरे-धीरे यह बढ़ना शुरू हो जाता है। रात में 170 से 174 के बीच पहुंच जा रहा है। धूल, धुएं और सर्दी बढ़ने के साथ ही प्रदूषण के स्तर में और इजाफा होने की आशंका है। प्रदूषण का स्तर बढ़ने से जिला अस्पताल में सांस के मरीज बढ़े हैं। हर दिन 30 से 35 मरीज आ रहे हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से सबसे अधिक बुजुर्ग इसका शिकार हो रहे हैं। अस्थमा में श्वास नली या इससे जुड़ी नली में सूजन आ जाती है। इसके चलते फेफड़ों में हवा जाने में रुकावट पैदा होती है। स्माॅग के साथ अन्य प्रकार के प्रदूषित तत्व मिले होते हैं। यह शरीर में जाकर सांस से संबंधित रोग का कारण बनते हैं। दूसरी ओर निर्माण कार्य से उड़ रही धूल, खेतों में पराली जलाने व सहालग में आतिशबाजी से प्रदूषण की समस्या बढ़ी है। धूल उड़ने के कारण लोगों के आंखों में जलन की समस्या बढ़ जाती है। जिला अस्पताल में पहुंच रहे मरीजों को डॉक्टर दवा के साथ इनसे बचने के उपाय भी बता रहे हैं।
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सांस के मरीज बरतें सावधानी
- सुबह की हवा ठंडी होती है इसलिए टहलने से बचें
- पहले से सांस के रोगी दवा नियमित खाते रहें
- धूल, धुएं से बचें, मास्क का प्रयोग करें
- बीड़ी, सिगरेट का कदापि प्रयोग न करें
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एक्यूआई बढ़ने से सबसे ज्यादा समस्या सांस के मरीजों को हो रही है। धूल, धुएं से बचना चाहिए। इस समय मेरे ओपीडी में प्रतिदिन 30 से 35 मरीज आ रहे है। जबकि पूरी ओपीडी की बात की जाय तो इसकी संख्या और बढ़ जाएगी। शनिवार को 12 मरीज भर्ती किए जिसमें पांच को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
- डाॅ. अतुल श्रीवास्तव, फिजिशियन जिला अस्पताल