आजमगढ़। जनपद के तीन और ब्लाकों में किसान कल्याण केंद्र की स्थापना की जाएगी। इससे एक छत के नीचे जल्द ही किसानों को सभी सुविधाएं मिलेंगी। पवई, मेंहनगर और सठियांव ब्लाक में किसान कल्याण केंद्रों के निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है। इन पर ढाई करोड़ रुपये की लागत आएगी। केंद्रों की स्थापना के लिए जिलाधिकारी से जमीन उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
किसानों को बीज, कीटनाशक, उवर्रक आदि उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनको प्रशिक्षण देने के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मल्टीपरपज सीड स्टोर एंड टेक्नोलॉजी डिसेमिनेशन सेंटर (किसान कल्याण केंद्र) बनवाने की घोषणा सरकार ने की है। इसके तहत ब्लाक मुख्यालयों के पास किसान कल्याण केंद्र का निर्माण कराया जाना है। हरैया ब्लाक में एक किसान कल्याण केंद्र का निर्माण हो चुका है और तहबरपुर में निर्माण कराया जा रहा है। प्रत्येक केंद्र के निर्माण पर लगभग 81 लाख की धनराशि खर्च की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए पवई, मेंहनगर और सठियांव में इसका निर्माण कराया जाना है। इसके लिए जिला प्रशासन से भूमि की मांग की गई है। केंद्र में मल्टीपरपज सीड स्टोर के साथ ही 60 किसानों के प्रशिक्षण के लिए हाल बनाया जाएगा। किसानों के बैठने की भी व्यवस्था होगी।
किसानों को मिलेगा ये लाभ
-किसानों को जिला मुख्यालय तक बीज-दवा के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
-हर माह किसानों की बैठक और प्रशिक्षण बनाए गए सभागार में आयोजित होगी।
-खाद बीज, यंत्र व अन्य सामानों की खरीद के लिए पंजीकरण कराना आसान होगा।
-प्रगतिशील किसानों के साथ अन्य किसानों की बैठक हो सकेगी, तकनीकी की जानकारी मिलेगी।
-रबी, खरीफ व जायद की गोष्ठियों में किसानों को शिरकत कराया जाएगा।
ब्लाक स्तर पर किसान कल्याण केंद्र की स्थापना हो रही है। इसमें हरैया में निर्माण पूरा हो चुका है। तहबरपुर में निर्माण हो रहा है। मेंहनगर, पवई और सठियांव के लिए भी स्वीकृति मिल गई है। निर्माण के लिए जिला प्रशासन से भूमि मांगी गई है। इससे किसानों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। एक ही जगह पर हर प्रकार की जानकारी और सुविधाएं मिल सकेंगी।
-डॉ. उमेश गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी