हरिऔध नगर स्थित फाइन आर्ट सेंटर में आयोजित अंब्रेला पेंटिंग कार्यशाला में महिला कलाकारों ने अपनी कलाकृतियों में रंग भरा। रंग भरने के बाद तैयार छतरी अपनी अलग ही कहानी बयां कर रही है।
19 अगस्त से 10 सितंबर तक चलने वाली इस कार्यशाला में अलग-अलग छतरियों पर कलाकारों द्वारा कलाकृतियां बनाई जा रही हैं। जनपद में इस तरह की कार्यशाला पहली बार आयोजित की गई है। सावन में तैयार हो रही हर छतरी अपनी अलग कहानी बयां कह रही है। हिंदी के वर्णमाला के अनुरूप प्रतिभागी अपनी कलाकृतियों पर दृश्य अंकित कर रहे हैं। साक्षी पांडे द्वारा क से कृष्ण की पेंटिंग, सुरभि अग्रवाल द्वारा ख से खरगोश, अंकिता सिन्हा द्वारा ग से गंगा के घाटों को बनाया जा रहा है। हिंदी की पूरी वर्णमाला क से लेकर ज्ञ पर कलाकारों की अलग-अलग थीम है। ज्ञ से ज्ञान के प्रकाश को पेंटिंग माध्यम से फैलाने की कोशिश कलाकार कर रहे हैं। इस कार्यशाला में 33 महिला और तीन बाल कलाकार अपनी कृतियों को निर्मित कर रहे हैं। फाइन आर्ट सेंटर की निदेशिका डा. लीना मिश्रा ने बताया कि इस कार्यशाला में छतरियां ही कैनवास हैं जिन पर कलाकार अपनी सृजन क्षमता प्रदर्शित कर रहे हैं। हिंदी वर्णमाला पर केंद्रित इस कार्यशाला का उद्देश्य कला के साथ-साथ हिंदी के प्रति प्रेम को प्रदर्शित करना है।