अतरौलिया। कस्बे में डायरिया पर नियंत्रण नहीं हो सका है। शुक्रवार को उल्टी-दस्त से एक और मौत हो गई। कस्बे में इस बीमारी से अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है और 250 से ज्यादा लोग पीड़ित हो चुके हैँ। चार दिन पहले नगर पंचायत की ओर से आपूर्ति किए जाने वाले पानी का नमूना जांच के लिए भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
डेढ़ सप्ताह पूर्व कस्बे में नगर पंचायत की दूषित जलापूर्ति के चलते लोगों के बीमार होने का सिलसिला शुरू हुआ था जो अभी थमा नहीं है। कई लोगों ने पानी में काले व पीले कीड़े तैरने और दूषित पानी आने की सूचना नगर पंचायत प्रशासन को दी थी। देखते-देखते 250 लोग उल्टी-दस्त की बीमारी से पीड़ित हो गए। नगर पंचायत प्रशासन ने पानी में ब्लीचिंग पाउडर की मात्रा बढ़ाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली लेकिन इससे भी बीमारी पर रोक नहीं लग पाई है। बुधवार को डायरिया से एक बच्ची समेत दो लोगों की मौत हो गई थी जबकि बृहस्पतिवार को भी दो लोगों ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार की रात ज्ञानचंद (38) ने दम तोड़ दिया। वह चार-पांच दिनों से उल्टी व दस्त पीड़ित थे। उन्हें अंबेडकरनगर जिले के बसखारी स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान शुक्रवार की शाम उसने दम तोड़ दिया। डायरियां से पांचवीं मौत होते ही कस्बे में हड़कंप मच गया। लोगों का कहना है कि न तो नगर पंचायत प्रशासन न ही स्वास्थ्य विभाग कोई सार्थक प्रयास कर रहा है। नगर पंचायत के लोग कुछ घरों पर घूम-घूम कर वीडियो बनाने में जुटे है, जिससे वे लोगों से यह कहवा रहे है कि उनके यहां नगर पंचायत के सप्लाई वाला पानी ही नहीं आता है। लोग आक्रोशित है और जिम्मेदारों की पहचान कर कार्रवाई की मांग कर रहे है।
चार दिन बाद भी नहीं आई पानी की जांच रिपोर्ट
अतरौलिया। नगर पंचायत क्षेत्र में दूषित पानी की सप्लाई के चलते फैले डायरिया की खबर समाचार पत्रों में प्रकाशित होने पर प्रशासनिक अमला कुछ जागा। नगर पंचायत द्वारा सप्लाई किए जाने वाले पानी की जगह-जगह से सैंपलिंग करायी गई और सैंपल जांच के लिए जल निगम के प्रयोगाशाला भेजा गया। चार दिन बाद भी पानी की जांच रिपोर्ट नहीं आ पाई है। इस बाबत पूछे जाने पर ईओ संपूर्णानंद तिवारी ने बताया कि अब तक जांच रिपोर्ट आई नहीं है। जैसे जांच रिपोर्ट आएगी उसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा।