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सड़कों पर छुट्टा पशुओं का डेरा, लग रहा जाम

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रासेपुर बोंगरिया में सड़क पर घूमते छुट्टा पशु।-प्लान खबर की फोटो - फोटो : AZAMGARH
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छुट्टा पशुओं को पकड़ कर गो आश्रय केंद्रों में भेजे जाने के बाद भी छुट्टा पशुओं से निजात नहीं मिल सकी है। आए दिन झुंड में छुट्टा पशु सड़क पर घूमते नजर आते हैं जिससे जाम लगता है। ये पशु हमला कर लोगों को घायल भी कर देते हैं । छुट्टा पशुओं के हमले से कई लोग घायल हो चुके हैं। कहने को तो नगर पालिका प्रशासन की कैटल कैचिंग टीम प्रतिदिन सड़क पर दौड़ रही है लेकिन सभी छुट्टा पशु नहीं पकड़े जा सके हैं।
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शहर क्षेत्र को छुट्टा मवेशियों के आतंक से शहर का लगभग हर हिस्सा परेशान है। कब कौन सा छुट्टा मवेशी किसे घायल कर देगा, कहा नहीं जा सकता है। सबसे अधिक शहर के मुख्य चौक, पुरानी कोतवाली, पुरानी सब्जीमंडी, कटरा, बदरका, सिधारी, रैदोपुर व रोडवेज क्षेत्र में छुट्टा पशुओं का आतंक है। शहर के कटरा मुहल्ले में तो सुबह 9 से 10 के बीच छुट्टा पशुओं का पूरा झुंड नजर आता है। अक्सर छुट्टा पशु लड़ते हैं जिससे जाम लग जाता है। पशु राहगीरों पर हमला कर देते हैं। कटरा से बदरका मार्ग पर स्थित अग्रसेन कन्या इंटर कालेज के आसपास तो अक्सर ही इनका झुंड कूड़े के ढेर के पास जुटा नजर आता है। नगर पालिका प्रशासन शहर को छुट्टा मवेशियों से मुक्त कर देने का दावा कर रहा है लेकिन वास्तव में ऐसा है नहीं। कैटल कैचिंग वाहन शहर में लगातार चक्रमण करती नजर आती है लेकिन इसके बाद भी इनका आतंक कायम है। सुबह 11 से 12 बजे के बीच नगर पालिका का कैटल कैचिंग वाहन शारदा तिराहे की तरफ जाता है तो दिन में दो से तीन बजे के बीच वापस लौटता है लेकिन वाहन में पकड़े गए पशु नहीं नजर आते हैं। शहर के लोगों का कहना है कि मुख्य चौक से पुरानी सब्जीमंडी, कटरा होते हुए बदरका जाने वाले मार्ग पर प्रतिदिन छुट्टा मवेशी नजर आते हैं लेकिन इनकी घर पकड़ नहीं की जाती है।
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ज्यादातर छुट्टा मवेशियों को पकड़ कर गौ आश्रय स्थल भेजा जा चुका है। जो इक्का-दुक्का सड़क पर छुट्टा मवेशी दिख भी रहे हैं वे शहर के लोगों द्वारा ही प्रतिदिन छोड़े जाने वाले हैं। जहां तक नगर पालिका के कैटल कैचिंग वाहन के प्रतिदिन एक ही रास्ते पर चक्रमण की बात है तो यह ईओ नगर पालिका ही बता सकते हैं कि ऐसा क्यों है।-डॉ. विरेंद्र कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, आजमगढ़।
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