आजमगढ़ जिले में अस्थाई पशु आश्रय स्थल पारनकुंडा में भूख से तड़प कर दो गोवंश की मौत हो गई है। वहीं चार अन्य गोवंश भूख से तड़प रहे है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि मृत हुए गोवंश को दफन तक नहीं कराया गया है और उनके शवों को कुत्ते व सियार आदि नोंच रहे हैं। दुर्व्यवस्थाओं का अंबार लागा हुआ है और जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए हैं।
आवारा व छुट्टा मवेशियों के देखरेख का जिम्मा सरकार ने उठाया हुआ है। इसके लिए जगह-जगह स्थाई अथवा अस्थाई पशु आश्रय स्थलों की स्थापना करवाई गई है। लेकिन देख-रेख के आभाव में यहां रखे गए मवेशियों का बुरा हाल है। अस्थाई पशु आश्रय स्थल पारनकुंडा का तो सर्वाधिक बुरा हाल है। यहां रखे गए दो मवेशियों की मौत हो चुकी है और उनके शव कुत्ते व सियार आदि जानवर नोंच कर खा रहे हैं।
चारे का आभाव है, जिसके चलते दोनों मवेशियों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। वहीं चार अन्य मवेशी भूख से तरफ रहे हैं और वहां तैनात सफाई कर्मचारी उनके लिए कुछ नहीं कर पा रहे हैं। बरसात के चलते यह अस्थाई आश्रय स्थल पूरी तरह से कीचड़ से सना हुआ है और इसी किचड़ में मवेशी खड़े रहने को मजबूर है।