लालगंज। हत्या के एक महीने बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को तहसील गेट पर शासन और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। चक्काजाम से मार्ग पर एक घंटे आवागमन ठप रहा। ग्रामीणों के प्रदर्शन से पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूलने लगे। एसडीएम, सीओ पुलिस फोर्स के साथ लोगों को समझा कर समय मांग रहे थे लेकिन आक्रोशित समय देने को तैयार नहीं थे। बाद में सीओ ने किसी तरीके से लोगों को शांत किया। एक सप्ताह में गिरफ्तारी का आश्वासन देने पर धरना-प्रदर्शन समाप्त हुआ।
देवगांव कोतवाली के बैरीडीह गांव में बाते 20 जुलाई की रात विजय कुमार पुत्र रामराज को गोली मार दी गई थी। वाराणसी में उपचार के दौरान 23 जुलाई को उसकी मौत हो गई। मामले में अब्दुल्ला पुत्र औरंगजेब, आरिफ पुत्र अजीज, नदीम पुत्र अली शेर को आरोपी बनाया गया है। घटना कि जांच क्षेत्राधिकारी स्वयं कर रहे हैं। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता से हत्यारोपी पीड़ितों के घर चढ़कर धमकी दे रहे हैं। धमकी से भयभीत पीड़ितों ने क्षेत्राधिकारी के यहां गुहार लगाकर गांव में पीएसी तैनात कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उस पर भी कार्रवाई नहीं हुई। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को ले कर अनुसूचित जाति के लोगों ने 10 अगस्त को तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन भी किया था। इसमें गिरफ्तारी के लिए तीन दिन का समय मांगा गया था। कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता गया। शुक्रवार को फिर धरना-प्रदर्शन कर यातायात व्यवस्था ठप कर दिया।