आजमगढ़। पूर्वांचल विवि से संबद्ध महाविद्यालयों की अधूरी परीक्षा को पूरा कराने लिए दो सितंबर की तिथि प्रस्तावित की गई है। इसे लेकर महाविद्यालयों ने स्नातक व स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षा कराने की तैयारी युद्धस्तर पर चल रही है। परीक्षा में हजारों छात्र शामिल होंगे। बिना सैनिटाइजेशन कराए परीक्षार्थियों को परीक्षा हाल में एंट्री नहीं मिलेगी। हर परीक्षार्थी को मास्क व सैनिटाइजर साथ लेकर आना होगा।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय के बीए, बीएससी, बीकॉम व बीएससी एजी, स्नातकोत्तर एमए, एमएससी, एमकॉम व एमएससी एजी, बीएड, एमएड, एलएलबी, एलएलएम, बीबीए-बीसीए सेमेस्टर परीक्षा को शासन ने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस व लॉकडाउन के चलते मार्च में ही स्थगित कर दिया था। इसके बाद परीक्षा की तिथि कई बार घोषित की गई लेकिन सरकार ने परीक्षा कराने की अनुमति किसी भी विश्वविद्यालय को नहीं दिया। बीते माह जारी गाइड लाइन के मुताबिक शासन ने विश्वविद्यालयों को अपनी सुविधा अपने तरीके से परीक्षा कराने की सहूलियत दी थी जिसके बाद पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने यूजी-पीजी की अंतिम वर्ष की परीक्षा दो सितंबर से कराने का निर्णय लिया है।
पूर्व में बने केंद्रों पर होंगी परीक्षाएं
महाविद्यालयों की अधूरी परीक्षाएं पूर्व में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर ही कराई जाएगी। कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए सभी केंद्र व्यवस्थापकों को तैयारी करने के लिए निर्देश जारी कर दिया गया है। परीक्षा के लिए बनाए गए केंद्रों पर परीक्षाएं तय तिथि से शुरू कराने की तैयारी है।
2000 छात्र परीक्षा में होंगे शामिल
शासन की गाइडलाइन के हिसाब से तैयारियां की जा रही है। परीक्षा में करीब दो हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए छात्रों का डेस्क दो गज की दूरी पर लगाया जा रहा है। इसके साथ ही विद्यालय को प्रतिदिन सैनिटाइज कराया जाएगा। सभी छात्रों को मास्क लेकर आना अनिवार्य होगा। यदि उनके पास मास्क नहीं होगा तो प्रवेश नहीं दिया जाएगा। - डा. सुचिता श्रीवास्वत, प्राचार्य, डीएवी पीजी कालेज, आजमगढ़।
मास्क लेकर आना अनिवार्य
परीक्षा में विषयवार छात्राएं होंगी। हालांकि परीक्षार्थियों की संख्या कम है। इसलिए अधिक भीड़ नहीं हो पाएगी। दो हाल में आसानी से परीक्षा संपन्न कराई जा सकेंगी। सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। छात्राओं को मास्क लेकर आना अनिवार्य किया गया है। बिना मास्क उन्हें प्रवेश ही नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही छात्राओं को और परीक्षकों को सैनिटाजेशन किया जाएगा। - डा. निशा सिंह यादव, प्राचार्य, अग्रसेन महिला महाविद्यालय आजमगढ़