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Azamgarh News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उठाई आवाज, सीएम को संबोधित मांगपत्र डीएम को सौंपा

Thu, 29 Jan 2026 03:40 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

वाराणसी में आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा की सदस्यों ने धरना प्रर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा मिले। 
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धरना कर रहीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आजमगढ़ जिले में अपनी समस्याओं को लेकर आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा ने बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी को सौंपा गया। यदि समय रहते मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विवश होकर 08 मार्च को लखनऊ की ओर कूच करेंगी।

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जिलाध्यक्ष हेमा गुप्ता ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं कई दशकों से महिला व बाल विकास विभाग की आधारशिला के रूप में कार्य करते हुए पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, टीकाकरण, मातृ-शिशु देखभाल सहित केंद्र व राज्य सरकार की अनेकों योजनाओं का सफल क्रियान्वयन करती चली आ रही हैं। इसके बावजूद आंगनबाड़ी कर्मचारियों को न तो पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त है और न ही उन्हें वैधानिक सामाजिक सुरक्षा व सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। 

कहा कि आंगनबाडी कार्यकर्ताओं का मानसिक और आर्थिक शोषण बढ़ता जा रहा है। इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कोई भी काम कराने से पहले संसाधन मुहैया कराया जाए, साथ ही सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और जब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक उनके मानदेय में बढ़ोत्तरी करते हुए सम्मानजनक मानदेय दिया जाए। 
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नीतू पांडेय ने कहा विभागीय कार्यों को आफलाइन से आनलाइन कार्य करने की बदलती प्रक्रिया में हम आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अथक मेहनत कर ई-केवाईसी और एफआरएस की योजना को सफल बनाने का पुरजोर प्रयास किया है किंतु विभाग ने घटिया खराब मोबाइल व कमजोर नेटवर्क के कारण टीएचआर वितरण के समय एफ आर एस जैसी प्रक्रिया को कर पाना नामुमकिन हो रहा है। 

कंचन यादव ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 20 से 40 वर्ष हो गए विभाग के कार्य करते हुए ऐसे में न तो प्रमोशन मिला, न पेंशन है, न ग्रेच्युटी है न ही उचित मानदेय है न कोई भविष्य निधि है। नहीं कोई सामाजिक सुरक्षा फंड ही है। कमरतोड़ महंगाई में इतना अल्प मानदेय है कि भविष्य के लिए कुछ किया भी नहीं जा सकता है। ज्ञापन सौंपने वालों में गूंजा बरनवाल, प्रेमशीला यादव, सुशीला देवी, रेखा बिंद, शशिकला यादव, पूनम सिंह, सुनीला देवी, बंदना मौर्या, अमिता सिंह आदि उपस्थित रहीं।

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