सिकंदरपुर। क्षेत्र के सिकियां गांव में शुक्रवार को 65 वर्षीय कांति देवी छत पर कपड़े उतार रही थीं। बंदरों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। बचाव के दौरान वह संतुलन खो बैठीं और सीढ़ी से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन उन्हें सीएचसी सिकंदरपुर ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कांति देवी के पति का पहले ही निधन हो चुका था। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं।
घटना से ग्रामीणों में आक्रोश व् है। उनका कहना है कि बंदरों का आतंक वर्षों से बढ़ता जा रहा है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते समस्या जस की तस बनी हुई है। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं। ग्रामीणों के अनुसार सीतापुर में हाल ही में ढाई साल के बच्चे की भी बंदरों ने जान ले ली थी। क्षेत्रीय वन अधिकारी शिवम गुप्ता ने बताया कि अब बंदरों को पकड़ने की जिम्मेदारी वन विभाग की नहीं रही। यह कार्य ब्लॉक अथवा नगर पंचायत स्तर को सौंपा गया है। ग्रामीणों को वहीं शिकायत करनी होगी।