आजमगढ़। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक गलियारा विकसित करने की कवायद पूरी होने की उम्मीद है। जिला प्रशासन ने फूलपुर तहसील के 24 राजस्व गांवों की जमीन को इसके लिए उपयुक्त पाया गया है। जिला प्रशासन ने इसका प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा है। उत्तर प्रदेश सरकार की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की मुहिम को रफ्तार देने के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे किनारे औद्योगिक गलियारा बनेगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) बहुत दिनों से जमीन तलाश कर रहा था। फूलपुर तहसील के खुरचंदा में जमीन देखी गई थी। पूर्वांचल से इसकी कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण यूपीडा ने इसे खारिज कर दिया था। अब जिला प्रशासन की ओर से खुरचंदा सहित 24 गांवों को औद्योगिक कॉरिडोर बनाने के लिए चिह्नित किया है। प्रशासन की ओर से इसके लिए 24 गांवों के 2964 गाटों से 1152.040 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। अगर शासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो औद्योगिक कॉरिडोर की स्थापना का रास्ता साफ हो जाएगा।
इन राजस्व गांवों की जमीन की गई है चिह्नित
जिला प्रशासन ने कॉरिडोर के लिए खानपुर चंदू, सकतपुर, मोलनापुर, बरामदपुर, रूपाईपुर, पूरारामजी, फरीदपुर, तरकुलहा, रज्जाकपुर, पतौना, रैदा, इमली महुआ, गोखवल, अंडिका, बखरिया, खूरचंदा, सुम्हाडीह, चकिया, निजामापुर, मखदूमपुर, भभूरिया, सुलेमापुर, छज्जोपट्टी और सलारपुर आदि राजस्व गांवों की जमीनों का चयन किया गया है।
निवेशकों को उपलब्ध कराया जाएगा प्लॉट
भूमि अधिग्रहण के बाद चिह्नित जमीन पर बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। उसके बाद निवेशकों को उद्योग स्थापित करने के लिए प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे। पहले वेयरहाउस और लॉजिस्टिक उद्याेगों को खासतौर पर बढ़ावा दिया जाएगा। औद्योगिक गलियारे में इलेक्ट्रानिक उपकरण, होजरी, खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां, दुग्ध प्रसंस्करण, दवा, मशीनरी संयंत्र, आइटी, कृषि उपज आधारित उपज आदि की इकाईयां लगेंगी।
खास उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा
पूर्वांचल एक्सप्रेव-वे किनारे औद्योगिक गलियारा विकसित होने से माल परिवहन तेजी से होगा। इससे जिले के खास उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। इसमें एक जिला एक उत्पाद में चयनित मुबारकपुर रेशमी साड़ी व वस्त्र और निजामाबाद का ब्लैक पॉटरी उत्पाद शामिल है।
यूपीडा की ओर से बहुत दिनों से औद्योगिक गलियारे के विकास के लिए जमीन की तलाश की जा रही थी। हमारी ओर से फूलपुर तहसील के 24 राजस्व गांवों की जमीन को चिह्नित करके उसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। यदि शासन से मंजूरी मिल जाती है तो जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।
- संजीव ओझा, सीआरओ।