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अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान : जनपद में 42 विद्यालयों के बच्चे को लगा टीका

Sun, 27 Mar 2022 03:29 PM IST
सुशील कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, आजमगढ़/अहरौला

सार

कोरोना महामारी के दौरान अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे थे। जिसका परिणाम हुआ कि स्कूलों को बंद कर दिए गए। काफी दिनों तक विद्यालय बंद रहने से जहां बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई। वहीं उन्हें आगे की कक्षाओं में प्रमोट कर दिया गया।
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छात्रा को टीका लगाती स्वास्थ्यकर्मी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जनपद में 12 से 14 वर्ष उम्र के बच्चों के टीकाकरण का कार्य शुरू हो चुका है। टीकाकरण शुरू होने से बच्चों के साथ ही अभिभावकों में भी विश्वास जगा है। अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने से अब कतरा नहीं रहे हैं। जिसका परिणाम है कि विद्यालयों में बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति देखने को मिल रही है। जनपद में बच्चों के टीकाकरण के लिए एक लाख 95 हजार 444 का लक्ष्य निर्धारित है। जिसके सापेक्ष जनपद में अब तक 6240 बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है।

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कोरोना महामारी के दौरान अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे थे। जिसका परिणाम हुआ कि स्कूलों को बंद कर दिए गए। काफी दिनों तक विद्यालय बंद रहने से जहां बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई। वहीं उन्हें आगे की कक्षाओं में प्रमोट कर दिया गया। नौजवानों और बुजुर्गों के टीकाकरण के बाद अब सरकार की ओर से 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों के टीकाकरण का कार्य कराया जा रहा है। बच्चों का टीकाकरण शुरू होने से अब अभिभावक भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने से नहीं कतरा रहे हैं। जिसके परिणाम स्वरूप विद्यालयों में बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति देखने को मिल रही है। 

टीकाकरण के नोडल डिप्टी सीएमओ डा. संजय ने बताया कि जनपद में टीकाकरण के लिए एक लाख 95 हजार 444 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 16 मार्च से टीकाकरण का कार्य शुरू हुआ है। छुट्टियों के कारण अब तक मात्र 42 सरकारी विद्यालयों के 6240 बच्चों का ही टीकाकरण हुआ है। दूसरे पल्स पोलियो अभियान ने भी इस कार्य को प्रभावित किया है। लेकिन अगले सोमवार से शनिवार तक हम अभियान चलाकर 100 प्रतिशत टीकाकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किए हैं।
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बोले स्कूलों के प्रबंधक
हमारे स्कूल में 15 से 17 साल के बच्चे 90 परसेंट से ज्यादा कोविड-19 का दोनों डोज ले चुके हैं। कुछ फर्स्ट डोज लिए हैं और दूसरी डोज लगवाना है। - अभिषेक सिंह, प्रबंधक।
 हमारे स्कूल में भी 15 से 17 साल के बच्चे ज्यादातर दोनों डोज की वैक्सीन ले चुके हैं। कुछ बच्चे फर्स्ट डोज लिए हैं और सेकेंड लगवाना बाकी है। 12 साल से ऊपर के बच्चों का भी वैक्सीनेशन हो रहा है। इनका भी वैक्सीनेशन शत प्रतिशत जल्दी हो जाएगा। - सौरभ प्रताप सिंह, प्रबंधक।

बोले परिवार के मुखिया
परिवार के छह सदस्यों में सभी लोगों ने दोनों डोज का वैक्सीनेशन करवा लिया है। 60 साल के ऊपर वाले बूस्टर डोज संदेश मिलते ही लगवा लिया जाएगा। हम लोगों ने दोनों डोज लेकर अपने आपको और परिवार को सुरक्षित कर लिया है। नरेंद्र मिश्रा, परिवार के मुखिया।

बोले अभिभावक
कोरोना के बढ़ते असर को देखते हुए बच्चों को विद्यालय भेजने में डर लगता है। लेकिन जबसे बच्चों के लिए वैक्सीन लगनी शुरू हुई है सारा डर खत्म हो गया। हमारे परिवार में सभी बच्चे, बूढ़े और किशोर को वैक्सीन लग चुकी है।
देवी प्रसाद पांडेय, अभिभावक।  

हमारे परिवार में भी पूरे परिवार ने वैक्सीनेशन करवा लिया है बच्चों का भी वैक्सीनेशन हो गया है और सभी ने दोनों डोज ले ली है और हम लोग अपने परिवार को सुरक्षित कर लिए हैं आप लोग भी अपने परिवार को सुरक्षित करें। -पुल्लूर गिरी, अभिभावक।

बोले छात्र
हमने कोविड-19 की दोनों डोज लेली है और वह पूरी तरह से अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हमारी अन्य लोगों से अपील है कि हमारे जैसे किशोर और भाई भी वैक्सिंग की डोज ले और अपने परिवार को सुरक्षित करें। - हर्षित पांडेय, छात्र।

हमने भी कोविड-19 दोनों खुराक ले ली है और परिवार के लोग भी लगवा चुके हैं। हम लोग सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हमारे और भी साथी वैक्सीनेशन करवा कर अपने आपको और परिवार को सुरक्षित करें। - गोपाल यादव, छात्र।

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