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Azamgarh News: आंवटित हुआ 39 लाख हो गया वापस, ओवरब्रिज की नहीं हुई मरम्मत

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आजमगढ़। निर्माण के बाद से बेलइसा ओवरब्रिज की कभी मरम्मत नहीं हुई। वित्तीय वर्ष 2021-22 में मरम्मत के लिए शासन से 39 लाख रुपये धन आवंटित हुआ था। लेकिन रूट डायवर्जन की अनुमति न मिलने से मरम्मत नहीं हो सका। आवंटित धन भी वापस चला गया। वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद शासन से आया धन वापस हो गया। आजमगढ़ से वाराणसी और जौनपुर जाने के लिए लोगों को बेलइसा ओवरब्रिज से होकर गुजरना पड़ता है। बीच में रेलवे लाइन पड़ती है। यहां पर जाम को देखते हुए वर्ष 2014 में ओवरब्रिज का निर्माण कराया गया। लेकिन तब से कभी भी मरम्मत न होने के कारण यह जर्जर हो गया है। ओेवरब्रिज के गाटर काफी फैल गए हैं। इसके कारण जब गाड़ियां यहां से गुजरती हैं तो वाहन में बैठे लोगों को झटके अधिक लगते हैं। ओवरब्रिज की जर्जर हालत को देखते हुए वर्ष 2021 में पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड पांच के पूर्व अधिशासी अभियंता विजय सिंह ने मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था। शासन ने मरम्मत के लिए 39 लाख रुपये धन भी आवंटित कर दिया, लेकिन रूट डायवर्जन की अनुमति न मिलने के कारण यह कार्य नहीं हो सका। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर विभाग को पैसा वापस करना पड़ा।
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अधूरे फोरलेन के कारण रूट डायवर्जन को नहीं मिली अनुमति

रूट डायवर्जन की इजाजत न मिलने का मुख्य कारण फोरलेन का चालू न होना और विधानसभा चुनाव रहा। इसी बीच शासन ने पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड पांच के सारे कार्यों को निर्माण खंड-2 के अधीन सौंप दिया। इसके बाद निर्माण खंड ने प्रस्ताव भेजा बजट स्वीकृत होने के बाद उसकी ओर से टेंडर आमंत्रित किए गए। लेकिन किसी की रूचि न लेने के कारण काम आगे नहीं बढ़ सका। अब एक बार फिर से पीडब्ल्यूडी निविदा आमंत्रित करने की तैयारी में जुटा है।

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वर्जन

पहले यह कार्य निर्माण खंड पांच के पास था फिर हमारे पास आ गया। हमने एक दो बार टेंडर की प्रक्रिया की लेकिन किसी ने रुचि नहीं ली। जिसके कारण कार्य शुरू नहीं हो सका। एक बार फिर से इसके टेंडर कराने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इस कार्य को शुरू कराया जाएगा।
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संकर्षण लाल, अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड दो।
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