वहीं मुबारकपुर विधानसभा सीट पर बसपा के टिकट पर दो बार विधायक रहे शाह आलम गुड्डू जमाली के लिए भी यह चुनाव प्रतिष्ठा का चुनाव बना हुआ है। एआईएमआईएम के टिकट पर मैदान में उतरे गुड्डू जमाली ने अंतिम चक्र तक संघर्ष किया। वह दूसरे स्थान पर भी रहे लेकिन पहले स्थान पर नहीं पहुंच सके। शेष बचे दिग्गजों की प्रतिष्ठा को जनता ने बचा लिया और जीत दर्ज की।
विधानसभा चुनाव की मतगणना आगे बढ़ने के साथ ही प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की धड़कनें तेज होती गईं। आजमगढ़ सदर सीट पर कड़ा मुकाबला देखने को मिला। वहीं मुबारकपुर विधानसभा सीट पर सपा ने बढ़त बनाई तो बनाती ही चली गई। बसपा और भाजपा प्रत्याशी उसके ईर्द गिर्द भी नहीं फटक सके। लेकिन एआईएमआईएम के शाह आलम गुड्डू जमाली ने अंतिम समय तक सपा का पीछा किया।
मुबारकपुर में सपा, बसपा, भाजपा और एआईएमआईएम प्रत्याशी को छोड़कर किसी प्रत्याशी की जमानत नहीं बची। जबकि अन्य सीटों पर सपा, बसपा और भाजपा को छोड़कर किसी प्रत्याशी की जमानत नहीं बची। सबसे बुरी हालत कांग्रेस की रही कई सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी को नोटा से भी कम वोट मिले।
आजमगढ़ की 10 विधानसभा सीटों पर कुल 11 महिला प्रत्याशियों ने चुनाव में भागीदारी की थी। बृहस्पतिवार को हुई मतगणना में मात्र एक महिला प्रत्याशी को ही जीत मिल सकी। शेष प्रत्याशियों को सपा की लहर में हार का सामना करना पड़ा पड़ा।
इस बार के विधानसभा चुनाव में अतरौलिया विधानसभा सीट से निर्दल प्रत्याशी के रूप में डॉ. सीमा पांडेय, सगड़ी विधानसभा सीट से भाजपा की वंदना सिंह और कांग्रेस की राना खातून, मुबारकपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस की परवीन बानो, फूलपुर पवई विधानसभा सीट से आप की किरन, दीदारगंज विधानसभा सीट से आप की रश्मि विश्वकर्मा, लालगंज विधानभा सीट से कांग्रेस की पुष्पा भारती और भाजपा की नीलम सोनकर, मेंहनगर विधानसभा सीट से कांगेस की निर्मला भारती, भाजपा की मंजू सरोज और सपा की पूजा यादव मैदान में उतरी थीं। इनमें से सगड़ी विधानसभा क्षेत्र की भाजपा प्रत्याशी वंदना सिंह वर्तमान में विधायक हैं।
जबकि लालगंज विधानसभा सीट से नीलम सोनकर भाजपा की सांसद रह चुकी हैं। बृहस्पतिवार को हुई मतगणना में सिर्फ सपा की पूजा सरोज ही जीत हासिल करने में कामयाब रहीं। जबकि अन्य महिला प्रत्याशी जीत हासिल नहीं कर सकीं।