अहरौला। काफी दिनों से अहरौला प्रमुख पद के लिए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जारी गहमागहमी पर सोमवार को विराम लग गया। अविश्वास प्रस्ताव पर विकास खंड कार्यालय में सोमवार को हुई बहस के बीच 101 सदस्यों में से 55 सदस्यों ने ब्लाक प्रमुख के खिलाफ मतदान किया। जिसके कारण अहरौला प्रमुख राजेश्वर को कुर्सी से हटना पड़ा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 11 बजे से सोमवार को भाजपा के फूलपुर विधायक अरूणकांत यादव के नेतृत्व में 55 क्षेत्र पंचायत ब्लॉक पर पहुंचे। वहीं पूर्व प्रमुख शकील अहमद के नेतृत्व में उनके समर्थक भी पहुंचे लेकिन थोड़ी देर बाद शकील समर्थक धीरे-धीरे खिसक गये।
101 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में प्रमुख प्रत्याशी रहीं सुनीता राज के पक्ष में 55 सदस्य के साथ ब्लॉक सभागार में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। जिसमें सबने एक स्वर से सुनीत राज के पक्ष में होने की बात कही। सभी 55 सदस्यों की वीडियोग्राफी तैयार हुई पुन: सबका हस्ताक्षर कराया गया।
इसके बाद अविश्वास पर मतदान की बारी आई, जैसे ही बैलेट बॉक्स आया सभी क्षेत्र पंचायत सदस्य भड़क गए और मतदान का प्रावधान न होने की बात पर अड़ गए। तब अधिकारियों ने जिलेस्तर पर बात कर मतदान न होने की दशा में अविश्वास अमान्य होने की बात कही। इसके बाद दो बजे मतदान शुरू हुआ। सभी 55 सदस्यों ने राजेश्वर के खिलाफ मतदान किया।
हालांकि विगत 21 अगस्त को डीएम को दिए गए शपथ पत्र में 64 सदस्यों ने शपथ पत्र दिया था लेकिन अविश्वास में 55 लोग शामिल रहे। चुनाव प्रभारी रहे फूलपुर एसडीएम दिनेश गुप्ता ने वताया कि अविश्वास प्रस्ताव प्रमुख राजेश्वर के खिलाफ आ गया है प्रमुख की कुर्सी रिक्त हो गई है।
अब आयोग तारीख तय कर चुनाव कराएगा। बताते चलें कि लगभग 12 साल से शकील अहमद परिवार में प्रमुख पद की कुर्सी रही। इस मौके पर एसड़ीएम बूढ़नपुर इंद्रभान तिवारी, फूलपुर एसडीएम दिनेश गुप्ता, नायब तहसीलदार विराग पांडेय, निर्वाचन कार्यालय के सहायक निर्वाचन अधिकारी दिनेश सिंह आदि उपस्थित थे।
जिला पंचायत के लिए 26 को आएगा अविश्वास प्रस्ताव
आजमगढ़। अहरौला ब्लाक प्रमुख पद पर सोमवार हुए अविश्वास प्रस्ताव के बाद अब सबकी निगाहें 26 सितंबर को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए होने वाले अविश्वास प्रस्ताव पर टिक गई हैं। क्योंकि जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ 46 सदस्यों ने पहले ही मुख्य विकास अधिकारी को शपथ पत्र देकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की थी।
बताते चलें कि अहरौला ब्लाक प्रमुख पद की कुर्सी पर सपा का ही कब्जा था। जो सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव पास होने के साथ ही उसके हाथ से निकल गई। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी भी सपा के ही पास है।
लेकिन इस कुर्सी के लिए सपा के बागी हो चुके प्रमोद कुमार यादव ने दावा ठोंकते हुए 46 सदस्यों के शपथ पत्र के साथ मुख्य विकास अधिकारी को पत्र सौंपकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की थी। मुख्य विकास अधिकारी ने इस अविश्वास प्रस्ताव पर 26 को बहस कराने की तिथि घोषित की है।
26 सितंबर को इस सीट पर अविश्वास प्रस्ताव के लिए बहस होगी। अब ऊंट किस करवट बैठेेगा इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई है।