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अहमदाबाद बम ब्लास्ट केस: दोषमुक्त साबित हुए आजमगढ़ के युवक को मिली रिहाई, निकाह के 4 दिन बाद ही हुई थी गिरफ्तारी

Thu, 10 Feb 2022 02:46 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़

सार

अहमदाबाद में वर्ष 2008 में हुए सीरियल बम विस्फोट में बीते मंगलवार को 49 लोगों को अदालत ने दोष सिद्ध और 28 आरोपियों को बरी कर दिया। दोषमुक्त साबित हुए आजमगढ़ के युवक को बुधवार रात जेल से रिहा कर दिया गया।
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अहमदाबाद सीरियल बम विस्फोट में कोर्ट का फैसला - फोटो : Social Media
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विस्तार
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अहमदाबाद सीरियल बम विस्फोट (2008) मामले में करीब दो दशक बाद आठ फरवरी को आए फैसले के बाद दोषमुक्त साबित हुए आजमगढ़ के एक व्यक्ति को बुधवार को जेल से रिहाई मिल गई। वहीं दूसरे आरोपी को दूसरे मामले में आरोपित होने के कारण जेल में ही रहना पड़ेगा। जेल से छूटने पर हबीब के परिजनों ने खुशी जताई है। इसे लेकर आसपास के लोगों में भी खूब चर्चाएं चल रही हैं। 

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राशिद ने बताया कि नौ फरवरी की रात 10 बजे अहमदाबाद के साबरमती जेल से मेरा भाई छूट गया। उनकी रिहाई से परिवार में ईद, बकरीद सरीखी खुशियां हैं।  मो. हबीब के निकाह के तीन-चार दिनों बाद ही गिरफ्तार होने से रिश्ता टूट गया था।

77 आरोपितों में 49 को कोर्ट ने दोषी ठहराया
26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में 20 अलग-अलग जगह पर धमाके हुए थे। जिसमें 56 लोगों की मौत हो गई थी और 246 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। मामले में आजमगढ़ से कई लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। अहमदाबाद के विशेष अदालत में विस्फोट मामले की सुनवाई चल रही थी। प्रकरण में 77 आरोपितों में 49 को कोर्ट ने दोषी ठहराया है। इनमें आजमगढ़ के सात लोगों के खिलाफ आरोप सिद्घ हुए हैं।
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जबकि 28 बरी होने वालों में दो आजमगढ़ के मोहम्मद साकिब और मोहम्मद हबीब फलाही शामिल हैं। करीब दो दशक बाद आठ फरवरी को आए फैसले के बाद दोषमुक्त साबित हुए दो लोगों में एक मोहम्मद हबीब बुधवार रात साबरमती जेल से छूट गए, जबकि दूसरा मो. शाकिब को दूसरे मामले में आरोपित होने के कारण जेल में ही रहना पड़ेगा। इसी मामले में गुनहगार साबित हुए दो लोगों को 11 फरवरी को सजा सुनाई जाएगी।

आरोपियों की श्रेणी में चार और हो सकते हैं शामिल

अहमदाबाद में वर्ष 2008 में हुए सीरियल बम विस्फोट में मंगलवार 49 लोगों को दोष सिद्ध किया गया है तो वहीं 28 लोग बरी कर दिए गए है। दोष सिद्ध हुए 49 लोगों में आजमगढ़ के सात लोग शामिल हैं।  बुधवार को न्यायालय द्वारा दोष सिद्घ युवकों पर सजा का निर्धारण कर फैसला देना था। लेकिन अब इसे 11 फरवरी तक टाल दिया गया है। संभावना जताई जा रही है इसमें चार लोगों के नाम और शामिल हो सकते हैं। 
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वर्ष 2008 में अहमदाबाद में सीरियल बम धमाका हुआ था। इस घटना का मास्टर माइंड जिले का रहने वाला अबुल बशर बताया जाता है। अबुल बशर पर अहमदाबाद ही नहीं लखनऊ, जयपुर व दिल्ली में हुए बम धमाकों भी नाम सामने आया था। मूलरूप से सरायीर थाना क्षेत्र के बीनापार निवासी अबुल बशर को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

अबुल बशर इंडियन मुजाहिद्दीन आतंकी संगठन से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा अहमदाबाद ब्लास्ट में सरायमीर के संजरपुर निवासी मो. सैफ, आरिफ मिर्जा नसीम, इसरौली निवासी आरिफ बदर, पारा निवासी मो. सादिक, शहर कोतवाली के बदरका निवासी सैफूल रहमान व कोट किला निवासी मो. जीशन भी शामिल है।

वहीं मो. हबीब, मो. साकिब व मो. जाकिर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।  
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