जबकि 28 बरी होने वालों में दो आजमगढ़ के मोहम्मद साकिब और मोहम्मद हबीब फलाही शामिल हैं। करीब दो दशक बाद आठ फरवरी को आए फैसले के बाद दोषमुक्त साबित हुए दो लोगों में एक मोहम्मद हबीब बुधवार रात साबरमती जेल से छूट गए, जबकि दूसरा मो. शाकिब को दूसरे मामले में आरोपित होने के कारण जेल में ही रहना पड़ेगा। इसी मामले में गुनहगार साबित हुए दो लोगों को 11 फरवरी को सजा सुनाई जाएगी।
अहमदाबाद में वर्ष 2008 में हुए सीरियल बम विस्फोट में मंगलवार 49 लोगों को दोष सिद्ध किया गया है तो वहीं 28 लोग बरी कर दिए गए है। दोष सिद्ध हुए 49 लोगों में आजमगढ़ के सात लोग शामिल हैं। बुधवार को न्यायालय द्वारा दोष सिद्घ युवकों पर सजा का निर्धारण कर फैसला देना था। लेकिन अब इसे 11 फरवरी तक टाल दिया गया है। संभावना जताई जा रही है इसमें चार लोगों के नाम और शामिल हो सकते हैं।
वर्ष 2008 में अहमदाबाद में सीरियल बम धमाका हुआ था। इस घटना का मास्टर माइंड जिले का रहने वाला अबुल बशर बताया जाता है। अबुल बशर पर अहमदाबाद ही नहीं लखनऊ, जयपुर व दिल्ली में हुए बम धमाकों भी नाम सामने आया था। मूलरूप से सरायीर थाना क्षेत्र के बीनापार निवासी अबुल बशर को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
अबुल बशर इंडियन मुजाहिद्दीन आतंकी संगठन से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा अहमदाबाद ब्लास्ट में सरायमीर के संजरपुर निवासी मो. सैफ, आरिफ मिर्जा नसीम, इसरौली निवासी आरिफ बदर, पारा निवासी मो. सादिक, शहर कोतवाली के बदरका निवासी सैफूल रहमान व कोट किला निवासी मो. जीशन भी शामिल है।
वहीं मो. हबीब, मो. साकिब व मो. जाकिर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।