आजमगढ़। सूबे के कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सुबह छह बजे कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कृषि तकनीकी सूचना केंद्र (एटीआईसी) का उद्घाटन किया और कृषि विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। वैज्ञानिकों के प्रयास की सराहना की और कृषि लागत कम करने लिए और मेहनत करने को कहा। कहा कि वैज्ञानिक कुछ गांवों का चयन कर तकनीकी आधारित खेती के बारे में किसानों को जागरूक कर रहे हैं। कृषि लागत में कमी लाकर किसानों की आय में बढ़ोत्तरी की जाए। सहफसली खेती को बढ़ावा दिया जाए।
कृषि विज्ञान केंद्र में स्थापित तकनीकी सूचना केंद्र में किसानों के लिए उन्नत प्रजाति के बीज, कृषि संबंधी साहित्य, जनपद के कृषि उद्यमी व प्रगतिशील किसानों की सफलता की कहानी और अन्य तकनीकी सूचनाएं संग्रहीत हैं। मंत्री ने केंद्र के अध्यक्ष डा. केएम सिंह से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहयोग से केंद्र पर संचालित परियोजना फसल अवशेष प्रबंधन, डीबीटी बायोटेक किसान हब, ग्रामीण कृषि मौसम सेवा और सीरियल सिस्टम इनिशिएटिव फार साउथ ईस्ट एशिया आदि की प्रगति की भी जानकारी ली। केंद्र अध्यक्ष ने बताया कि वैज्ञानिक कुछ गांवों का चयन कर वहां किसानों को आधुनिक खेती की तकनीक बता रहे हैं। सफल किसानों की सफलता की कहानियों को विभिन्न सूचना तकनीकी माध्यमों से प्रसारित किया जा रहा है। फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना की प्रगति पर कैबिनेट मंत्री ने प्रसन्नता जताई। वैज्ञानिकों के प्रयासों को सराहा। लागत कम करने के लिए अन्य प्रयासों के लिए प्रेरित किया। कोरोना काल के लॉकडाउन के दौरान भी केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों के लिए विभिन्न व्हाट्स एप ग्रुप के माध्यम से प्रसारित कृषि व मौसम संबंधी सलाह और राष्ट्रीय पादप जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, पूसा, नई दिल्ली एवं नेफोर्ड, मऊ से समन्वय स्थापित कर जनपद के अनुसूचित जाति, छोटे व मझोले किसानों को धान की उन्नतिशील प्रजाति का नि:शुल्क वितरण को एक अच्छा प्रयास किया गया। केंद्र पर स्थापित क्रॉप कैफेटेरिया में इस समय गेंदे को फूलते देख प्रसन्न्ता जाहिर की। उन्होंने कहा कि किसान अपने खेतों पर उगा कर अपनी आय आय दोगुनी करने के लिए केंद्र वैज्ञानिकों की ओर से की जा रही तकनीकी हस्तांतरण का लाभ लें। डॉ. आरके सिंह, डॉ. रुद्र प्रताप सिंह, डॉ. एके यादव, डॉ डीके पाण्डेय, आरपीके सिंह, डॉ तेज प्रताप व उपमन्यु सिंह, राज किशोर, गिरिजेश सिंह, दृग विजय आदि रहे।
प्रवासियों को उपलब्ध कराएं काम
आजमगढ़। कैबिनेट मंत्री ने आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में भी विस्थापित श्रमिकों के लिए कार्ययोजना बना कर रोजगार देने के लिए निर्देश दिए। कहा कि इस कार्य में जिला प्रशासन और कृषि व संबंधी विभागों से वांछित सहयोग लें। कृषि विज्ञान केन्द्र को स्थापित करने के लिए लधौरा शोध प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया। पास ही लगे पराग दुग्ध प्लांट का निरीक्षण के दौरान नाराजगी जताई। प्लांट की क्षमता उपयोग करने के लिए उपस्थित स्टाफ को दिशा निर्देश दिए। साथ ही कहा कि प्लांट को दी गई अतिरिक्त जमीन कृषि विभाग वापस लेष कहा कि भविष्य में जिले को एक नया कृषि विज्ञान केंद्र जल्द मिलेगा। ये किसानों की आय संवर्धक मील का पत्थर साबित होगा। दो-तीन माह में इसका काम शुरू हो जाएगा।
कृषि और मंडी अधिकारियों से ली जानकारी
आजमगढ़। कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजेंद्र सिंह, निदेशक प्रसार डॉ. एपी राव और कृषि तथा मंडी अधिकारियों के साथ समीक्षा भी की। कहा कि किसान सम्मान निधि एक-एक किसानों तक पहुंचे। मंडी को और आधुनिक बनाने की बात कही। इस दौरान कृषि विज्ञान केंद्र कोटवां में जलभराव का भी मुद्दा उठाया गया। उन्हें जिलाधिकारी से बात कर ड्रेनेज की व्यवस्था कराने की बात कही।
10 हजार लीटर की क्षमता, मिल रहा 500 लीटर दूध
आजमगढ़। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने लखनऊ जाते समय रेदौरा पराग डेयरी फार्म का निरीक्षण किया। पूरे प्लांट का निरीक्षण किया। डेयरी फार्म के ऑपरेटर श्रीचंद यादव और एक-दो स्टाफ ही मौजूद थे। कृषि मंत्री ने ऑपरेटर श्रीचंद से डेयरी पर दूध की उपलब्धता और संचालन संबंधी जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि दूध की कमी है। रोज लगभग 500 लीटर दूध उपलब्ध हो रहा है जबकि 10 हजार लीटर प्रतिदिन की क्षमता है। मौके पर 35 समितियां हैं जो दूध का क्रय करती हैं। अच्छे किस्म का दूध 34 रुपये लीटर खरीदा जा रहा है। इस पर कृषि मंत्री ने नाराजगी जताई और कहा कि संचालन के लिए बेहतर कार्य योजना बनाई जाएगी। 25 मिनट डेयरी पर रुकने के बाद लखनऊ के लिए निकल गए।
कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा का निरीक्षण करते कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही।- फोटो : AZAMGARH
लेदौरा में दुग्ध उत्पादन प्लांट का निरीक्षण करते कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही।- फोटो : AZAMGARH