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घटने के बाद फिर बढ़ा घाघरा का जलस्तर

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लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर कई दिनों तक घटने के बाद फिर बढ़ने लगा है। बुधवार को जलस्तर में फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे तटवर्ती गांवों के लोगों की धड़कन बढ़ गई है। उन्हें बाढ़ का खतरा सताने लगा है। मंगलवार को डिघिया गेज पर घाघरा का जलस्तर 69.81 मीटर दर्ज किया गया था, जो बुधवार को 26 सेमी बढ़कर 70.07 मीटर हो गया। वहीं बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 70.42 मीटर दर्ज किया गया था, जो बुधवार को 29 सेमी बढ़कर 70.71 मीटर हो गया।
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पहाड़ों पर बारिश का असर घाघरा के जलस्तर फिर पड़ने लगा है। जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांव परासिया, गांगेपुर, देवारा खास राजा, अचल नगर, कुड़ही, औघड़गंज आदि तटवर्ती गांव के लोगों को बाढ़ का डर सता रहा है। घाघरा नदी के तटवर्ती गांव में बाढ़ आने से समस्याएं बढ़ जातीं हैं। जैसे देवारा खास राजा, सोनौरा, बांका बुढ़नपट्टी, हैदराबाद, कुढ़ही आदि 80 से 90 गांव प्रभावित होते हैं। सोनौरा गांव के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमीर चंद यादव ने बताया कि सोनौरा गांव के करीब 1300 की आबादी प्रभावित होती है। गांव में बाढ़ से निपटने के लिए पांच नाव की व्यवस्था की गई है। तीन नाव बनवाई जा रही है। सबसे बड़ी समस्या बाढ़ के समय गांव में बिजली लाइट की होती है। बाढ़ के समय बिजली काट दी जाती है। उजाला नहीं रहता है। अंधेरे में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। गांव में सोलर लाइट की व्यवस्था हो और क्लोरीन गोली वितरण कराया जाए। पशुओं को टीका लगे, जिससे बाढ़ से बचा जा सके। बाढ़ से निपटने के लिए कुल 10 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। बाढ़ चौकियों पर संबंधित कर्मचारी तैनात किए गए हैं। जब बाढ़ खतरा बिंदु से ऊपर रहेगी तो कर्मचारी बाढ़ चौकियों पर नजर आएंगे।
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