निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर एआरटीओ (प्रवर्तन) सघन जांच कर कार्रवाई करेंगे। इससे टैक्स चोरी करने वाले वाहन स्वामियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जाएगा।
आरएम की ओर से आरटीओ से शिकायत की जा रही है कि भारी संख्या में निजी वाहनों का प्रयोग व्यवसायिक तरीके से किया जा रहा है। लोग निजी वाहन खरीदकर सवारी वाहन के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
इनका प्रयोग सरकारी संस्थानों से लेकर औद्योगिक संस्थानों तक में किया जा रहा है। ऐसे में शिकायतों के आधार पर पता चला कि करीब पांच सौ वाहन (फाइव व सेवन सीटर) है। जो सरकार को प्रति माह करीब दस लाख रुपये के टैक्स की चपत लगाने में जुटे है।
परिवहन अधिकारियों के मुताबिक उच्चाधिकारियों के निर्देश प्राप्त हो चुके है। वृहद स्तर पर शहर में कार्रवाई शुरू की जा रही है। इसमें निजी वाहनों के व्यवसायिक इस्तेमाल पर अंकुश लगाया जाएगा।
ये है नियम :
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत यदि कोई निजी वाहन कमर्शियल गतिविधि में लिप्त पाया जाता है तो उस पर बिना परमिट सवारी ढोने के मामले में कार्रवाई की जाएगी। इसमें उसका वाहन जब्त कर थाने में खड़ा करवा लिया जाता है। इसके बाद उस पर पंजीकरण सस्पेंड या खत्म करने की कार्यवाही की जाती है।
निजी वाहनों के व्यवसायिक इस्तेमाल करने वाले वाहनों के खिलाफ सघन कार्रवाई करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
- अतुल कुमार यादव, एआरटीओ प्रवर्तन।