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UP Politics: आजमगढ़ में भाजपा के बूथ अध्यक्ष के भाई के हत्यारोपी को बनाया जिलामंत्री, सवालों के घेरे में सूची

Sat, 04 Apr 2026 01:45 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

Azamgarh News: आजमगढ़ में भाजपा के बूथ अध्यक्ष के भाई के हत्यारोपी को जिलामंत्री बना दिया गया। इस पर भाजपा के बूथ अध्यक्ष नागेंद्र दुबे ने सवाल खड़े किए।
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BJP - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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भाजपा की नई जिला कार्यकारिणी सवालों के घेरे में आ गई है। वर्तमान बूध अध्यक्ष नागेंद्र दुबे के भाई ओमकार दुबे की हत्या में नामजद लालचंद यादव को जिलामंत्री बनाया गया है। ओमकार दुबे की हत्या मार्च 2020 में हुई थी।

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आजमगढ़ की जिला कार्यकारिणी और जिला कार्य समिति सूची बृहस्पतिवार को जारी की गई। इसमें 31 पदाधिकारियों को जगह दी गई है। इसमें लालचंद यादव का नाम भी है। इस पर भाजपा के बूथ अध्यक्ष नागेंद्र दुबे ने सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि भाजपा कानून व्यवस्था और अनुशासन की बात करती है। 

हत्या के आरोपों से घिरे लालचंद यादव को जिलामंत्री बनाना दुखद है। उन्होंने मामले में शीर्ष नेतृत्व से हस्तक्षेप की मांग की और कहा कि लालचंद को पद से हटाया जाए और उचित कार्रवाई की जाए। इस बारे में भाजपा जिलाध्यक्ष ध्रुव सिंह ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष की अनुमति से जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। आरोप तो लगते रहते हैं। हत्या के मामले में कोई दोष सिद्ध नहीं हुआ है। जिलामंत्री पर हत्या का आरोप ही है।
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लालगंज: जिलाध्यक्ष ने पत्नी-बेटे को बनाया कार्यसमिति का सदस्य

भाजपा परिवारवाद के खिलाफ झंडा बुलंद करती है लेकिन लालगंज की जिला का कार्यकारिणी में परिवारवाद की खूब हवा चली है। लालगंज के जिलाध्यक्ष विनोद राजभर ने अपनी पत्नी पूनम राजभर और बेटे नीलेश राजभर को कार्य समिति में जगह दी है। दोनों को सदस्य बनाया है। इसी तरह आजमगढ़ के भाजपा जिलाध्यक्ष ध्रुव सिंह की पत्नी माया सिंह को कार्य समिति का सदस्य बनाया गया है। माया सिंह का नाम लाजगंज की जिला कार्यसमिति की सदस्यों की सूची में पहले नंबर पर है।

लालगंज की कार्य समिति की सूची में 61 नाम हैं। इसमें पूर्व ब्लाक प्रमुख और संगठन के पूर्व पदाधिकारियों को जगह दी जाती है लेकिन जिलाध्यक्ष ने सगे-संबंधियों को भी सूची में शामिल कर लिया। इसकी जानकारी प्रदेश और क्षेत्रीय संगठन को भी नहीं दी गई। जब सूची जारी हुई तो परिवारवाद का मामला खुलकर सामने आ गया। पता चला कि लालगंज के जिलाध्यक्ष की पत्नी और बेटे का नाम सूची में है जो न तो पदाधिकारी रहे और न ही जनप्रतिनिधि। इसी तरह आजमगढ़ के जिलाध्यक्ष की पत्नी का नाम भी सूची में शामिल किया गया। जिलाध्यक्ष लालगंज विनोद राजभर ने कहा कि हमने सदस्य बनाया है। कोई पद नहीं दिया है।
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