कार्रवाई के दौरान जिन चिकित्सा केंद्रों पर मरीज भर्ती पाए गए, उन्हें तत्काल सरकारी अस्पतालों में शिफ्ट कराया गया, ताकि उनके इलाज में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि बिना पंजीकरण और बिना योग्य चिकित्सक के चिकित्सा कार्य करने वालों के खिलाफ आगे भी निरंतर अभियान चलाया जाएगा और किसी भी दोषी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।