आजमगढ़। जिले में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और गर्म हवाओं के थपेड़ों ने जनजीवन बेहाल कर दिया है। शासन के कड़े निर्देशों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की संवेदनहीनता चरम पर है। जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हीट वेव (लू) से निपटने के अब तक इंतजाम नहीं किए जा सके हैं। चौंकाने वाली स्थिति जिला अस्पताल में देखने को मिली, जहां हीट वेव के लिए आरक्षित 8 बेड के विशेष वार्ड पर सामान्य मरीजों ने कब्जा जमा रखा है।
जिला अस्पताल के अलावा 23 सीएचसी हैं। सभी जगहों पर अलग से हीट वेव वार्ड बनाए जाने का शासन का निर्देश है। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने जब बुधवार को जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का जायजा लिया, तो विभाग के सभी दावे खोखले साबित हुए:
जिला अस्पताल में लू के लिए विशेष वार्ड आरक्षित होने के बजाय सामान्य मरीजों से भरा मिला। इमरजेंसी की स्थिति में लू की चपेट में आए मरीजों के लिए यहां जगह ही नहीं है। यही हाल सीएचसी की भी है। यहां भी लू से निपटने की तैयारी नहीं दिखी। कुछ जगहों पर वार्ड तो बने हैं लेकिन उसमें पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। सीएचसी मुबारकपुर में अभी तक वार्ड नहीं बन सका है।
बरदह: सीएचसी में अब तक हीट वेव वार्ड नहीं बनाया जा सका है। अधीक्षक सोमेश रंजन मिश्रा ने बताया कि अभी तक हीट वेव वार्ड की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, लेकिन शासन के निर्देशों के अनुसार जल्द ही हीट वेव वार्ड बनाया जाएगा।
बिलरियागंज: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लू वार्ड नहीं बना है। इससे लू के मरीजों की परेशानी होगी। सीएचसी प्रभारी डॉ सतीश चंद ने बताया कि हीट वेव वार्ड बनवाने का अभी निर्देश नहीं मिला है। निर्देश मिलते ही बनवा दिया जाएगा।
अहरौला: सीएचसी के दूसरे फ्लोर पर 10 बेड का लू वार्ड बना है। इतने बड़े वार्ड में सिर्फ एक कूलर लगा है। एसी की कोई व्यवस्था नहीं है। दूसरे तल पर वार्ड होने के चलते तापमान नियंत्रित करना में दिक्कत होगी।
तहबरपुर: सीएचसी की पड़ताल की गई तो यहां तीन बेड का लू वार्ड बना था, लेकिन वार्ड में एसी, ओआरएस की व्यवस्था नहीं थी। डॉ. पवन यादव ने बताया कि एक बड़ा कूलर है। उसे कुछ दिनों में लगाया जाएगा।
वार्ड में होनी चाहिए ये व्यवस्थाएं
हीट वेव (लू) के दौरान वार्ड में मुख्य रूप से वेंटिलेशन, पर्याप्त पेयजल, ओआरएस, पंखे/कूलर और आपातकालीन चिकित्सा सहायता की व्यवस्था होनी चाहिए। मरीजों को ठंडी जगह पर रखने के साथ ही खिड़कियों पर पर्दे, हल्के कपड़े और बिजली कटौती से बचने के लिए जेनरेटर का इंतजाम होना चाहिए।
लू से निपटने के लिए तैयारियां चल रही हैं। सभी सीएचसी प्रभारियों को आवश्यक दवाएं, ओआरएस, कूलर, एसी की व्यवस्था करने के निर्देश दे दिए गए हैं। खिड़कियों में पर्दे लगाने को भी कहा गया है। डॉ. एनआर वर्मा, सीएमओ