आजमगढ़। जिले में ओवरलोड चल रहे 396 ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। बिजनेस प्लान के अंतर्गत इस कार्य पर 6.87 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
विभाग का लक्ष्य है कि गर्मी के चरम समय से पहले 1 महीने में अधिकतर ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता वृद्धि कर लिया जाए, जिससे उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके।
अधीक्षण अभियंता घनश्याम ने बताया कि लगातार बढ़ रही बिजली खपत के चलते कई क्षेत्रों में ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड हो रहे थे, जिससे बार-बार फुंकने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या सामने आ रही थी। इसे देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर ऐसे ट्रांसफाॅर्मरों की सूची तैयार की गई है, जहां लोड क्षमता से अधिक दबाव है। उन्होंने बताया कि क्षमता वृद्धि के तहत छोटे ट्रांसफाॅर्मरों को उच्च क्षमता वाले ट्रांसफाॅर्मरों से बदला जाएगा। इस पर काम भी शुरू हो चुका है। अब तक लगभग 200 ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि जहां जरूरत होगी, वहां नए ट्रांसफाॅर्मर भी लगाए जाएंगे। इससे न केवल बिजली आपूर्ति में सुधार होगा बल्कि ट्रांसफाॅर्मरों के जलने की घटनाओं में भी कमी आएगी।
शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को भी राहत मिलने की उम्मीद है। अधीक्षण अभियंता घनश्याम ने बताया कि शासन से मंजूरी मिलने और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम शुरू करा दिया गया है। अब तक लगभग 200 ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमतावृद्धि हो चुकी है। बचे ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमतावृद्धि मई तक करा दी जाएगी।