आजमगढ़। जिले के राइस मिलरों के चावल को रिजेक्ट किए जाने पर सोमवार को हुए बवाल के बाद मंगलवार को एजीएम क्यूसी. पुष्प कुमार यादव जांच टीम के साथ मंगलवार को एफसीआई गोदाम पर पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे राइस मिलरों से बात करने के बाद चावलों के गुणवत्ता की जांच की।
जांच में पता चला कि आजमगढ़ के मिलरों का चावल गाजीपुर के चावल से काफी बेहतर था। एजीएम ने कहा कि जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। कहा कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि बेहतर होने केे बाद भी आजमगढ़ के मिलरों के चावल को क्यों नहीं लिया गया।
बता दें कि एफसीआई क्वालिटी के नाम पर आजमगढ़ के राइस मिलरों के चावल को रिजेक्ट कर दे रहा है। इसके चलते यहां राइस मिलों में लगभग दो लाख टन चावल डंप पड़ा है। इस क्रम में सोमवार को राइस मिलर एफसीआई गोदाम पहुंचे और हंगामा करने के साथ ही गोदाम पर ताला जड़ कर चावलों की क्वालिटी की जांच कराने की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। राइस मिलरों की मांग पर मंगलवार को वाराणसी से आए एजीएम क्यूसी. पुष्पकुमार यादव ने जिले के चावल की क्वालिटी की जांच की। डिप्टी आरएमओ निश्चल आनंद ने बताया कि एजीएम ने एफसीआई गोदाम के बाहर रिजेक्ट किए गए चावल को 4.2 फीसदी डैमेज पाया।
इस पर राइस मिलरों ने गोदाम में रखे गाजीपुर की राइस मिलों से आए चावल की जांच कराई, तो उसमें 4.5 फीसदी चावल डैमेज पाए गए । दूसरी तरफ आजमगढ़ राइस मिल एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल ने बताया कि जब तक उनके चावल को नहीं लिया जाएगा, तब तक जिले भर के राइस मिलरों का एफसीआई गोदाम के पास धरना जारी रहेगा।